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  • बहुजन समाज के बुद्धिजीवियों को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ का साथ देना चाहिए- डॉ. एन सिंह

    बहुजन समाज के बुद्धिजीवियों को भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ का साथ देना चाहिए- डॉ. एन सिंह

    बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी डॉ. एन सिंह (डॉ. नगीना सिंह) हिन्दी साहित्य के एक प्रतिष्ठित हस्ताक्षर हैं। डॉ. एन सिंह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में 2 साल (19 अगस्त, 2011 से 18 अगस्त 2013) तक बतौर सदस्य के रूप में सफलतापूर्वक अपनी सेवा दे चुके हैं, इसके अलावा वो सहारनपुर के एक राजकीय महाविद्यालय में प्रचार्य पद पर रह चुके हैं। उन्होंने अध्यापन के साथ-साथ सामाजिक आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई है और हिन्दी साहित्य ख़ासकर ‘दलित साहित्य’ के क्षेत्र में कई प्रसिद्ध किताबों की रचना की है। डॉ. एन सिंह को ही ‘हिन्दी दलित साहित्य’ का पहला इतिहास लिखने का श्रेय जाता है। पेश है डॉ. एन सिंह से ख़ास बातचीत।               डॉ. एन सिंह जी आपकी पारिवारिक पृष्टभूमि कैसी रही है ? मेरा जन्म 1 जनवरी, 1956 को सहारनपुर जिले के चतरसाली गांव में हुआ।  मैं अपने परिवार में पीढ़ियों से…

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