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दिल्ली- प्रधानमंत्री मोदी ने किया डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन

नई दिल्ली, 7 दिसंबर 2017- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में डॉ.अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर का उद्घाटन किया। ये सेंटर करीब 192 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। सेंटर का निर्माण 3.25 एकड़ में किया गया है। डॉ.अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर यानि DAIC में  तीन अत्याधुनिक सभागार, बैठने की अलग-अलग क्षमता वाले तीन सम्मेलन कक्ष और प्रदर्शनी क्षेत्र बनाए गए है। एक विशाल पुस्तकालय बनाया गया है,  इस ​ई-लाइब्रेरी में विद्वान, अनुसंधानकर्ता और विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकालयों की लगभग दो लाख पुस्तकों और 70 हजार पत्र पत्रिकाओं को पढ़ सकेंगे। इस लाइब्रेरी में दृष्टि-बाधित व्यक्तियों के लिए ब्रेल अनुभाग भी होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने DAIC की आधारशिला 20 अप्रेल 2015 में रखी थी। जनवरी 2018 तक इसे तैयार किया जाना था लेकिन तय समय से दो महीने पहले ही सेंटर को तैयार कर दिया गया।


इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, राज्य मंत्री रामदास अठावले और केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री विजय गोयल, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री विजय सांपला भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाबा साहब के जाने के बाद बरसों तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके विचारों को लोग जनमानस के चिंतन से हटा नहीं पाए।
  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये सेंटर सामाजिक और आर्थिक विषयों पर रिसर्च का भी एक अहम केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का राष्ट्र निर्माण में जो योगदान है, उस वजह से हम सभी उनके ऋणी हैं। हमारी सरकार का ये प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनके विचार पहुंचें। विशेषकर युवा पीढ़ी उनके बारे में जाने, उनका अध्ययन करे। उन्होंने कहा कि ये सेंटर युवा पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगा।
  
 प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार बाबा साहब के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को तीर्थस्थान के रूप में विकसित कर रही है। दिल्ली के अलीपुर में जिस घर में बाबा साहब का निधन हुआ, वहां डॉक्टर अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह मध्यप्रदेश के महू में जहां बाबा साहब का जन्म हुआ उसे भी तीर्थस्थान के तौर पर विकसित किया जा रहा है। लंदन के जिस घर में बाबा साहब रहते थे, उसे भी खरीदकर महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार एक मेमोरियल के तौर पर विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही मुंबई में इंदू मिल की जमीन पर अंबेडकर स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। नागपुर में दीक्षा भूमि को भी और विकसित किया जा रहा है। ये पंचतीर्थ एक तरह से बाबा साहब को आज की पीढ़ी की तरफ से श्रद्धांजलि हैं।
  
उन्होंने कहा कि पिछले साल वर्चुअल दुनिया में एक छठा तीर्थ भी निर्मित हुआ है। वह है भारत इंटरफेस फॉर मनी यानि ‘भीम एप’। ‘भीम एप’ बाबा साहब के आर्थिक विज़न को इस सरकार की श्रद्धांजलि थी। भीम एप गरीबों, दलितों, पिछड़ों-शोषितों व  वंचितों के लिए वरदान बनकर आया है।  

पीएम ने कहा कि स्वतंत्रता के इतने सालों बाद भी देश में ये स्थिति परेशान करने वाली है कि लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में अभी भी समानता नहीं आ पाई है। एक बहुत बड़ी संख्या के लिए बुनियादी चीजें जैसे बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, एक छोटा सा घर, जीवन बीमा, जीवन की बहुत बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। पिछले तीन-साढ़े तीन साल में हमने बाबा साहब के सामाजिक लोकतंत्र के सपने को ही पूरा करने का प्रयास किया है।   प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सामाजिक बुराइयों का जिस व्यक्ति ने जीवनपर्यंत सामना किया हो, वो देश को लेकर कितनी उम्मीदों से भरा हुआ था। हमें ये स्वीकारना होगा कि इतने वर्षों बाद भी हम बाबा साहब की उन उम्मीदों को, पूरा नहीं कर सके हैं। कुछ लोगों के लिए कई बार जन्म के समय मिली जाति, जन्म के समय मिली भूमि से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। आज की नई पीढ़ी में वो क्षमता है जो इन सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकती है। पिछले 15-20 वर्षों में जो बदलाव मैं देख रहा हूं, उसका पूरा श्रेय नई पीढ़ी को ही दूंगा।  

मुख्य संवाददाता
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