img

आखिर 15 दिन बाद टूटी सरकार की नींद, धरने पर बैठे निवेशकों से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा

पिछले 15 दिनों से नोएडा के सेक्टर 62 स्थित आम्रपाली के ऑफिस पर अनशन पर बैठे निवेशकों से केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा मिलने पहुंचे। महेश शर्मा को देख निवेशकों छोटे-छोटे बच्चो ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए कि योगी मामा और मोदी अंकल घर दिलाओ, घर दिलाओ। निवेशकों ने महेश शर्मा से कहा कि अब हमें बिल्डर पर बिल्कुल भरोसा नहीं है अब सरकार ही उन्हें उनके घर दिला सकती हैं।

परेशान निवेशकों ने महेश शर्मा को बताया कि वे पिछले सात सालों से अपने आशियाने का सपना संजोए हुए हैं और बिल्डर से से लड़ रहे है। लेकिन बिल्डर उन्हें घर देने को तैयार नहीं है। निवेशकों के ​साथ-साथ आम्रपाली के ड्रीम वैली प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी भी धरने पर बैठे हैं। उन्हें पिछले 11 महीने से मजदूरी नहीं मिली हैं। ऐसे में घर-परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है। लेकिन आम्रपाली के मालिक सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में हम कहां जाएं। निवेशकों का कहना है हमने शासन-प्रशासन सब जगह गुहार लगाई लेकिन हमारी परेशानी किसी को नहीं दिखती। हमने कर्जा लेकर, अपने जेवर बेचकर सात साल पहले ये घर बुक कराए थे जिनका ब्याज हम आज तक भर रहे हैं।

ऐसे में हमारी स्थिति जीन-मरने जैसी हो गई है, हम जिस घर में रह रहे हैं वहां का किराया भी देना पड़ रहा है और इस फ्लैट की किश्त भी। जिससे हमारे ऊपर डबल मार पड़ रही है लेकिन बिल्डर है कि फ्लैट देने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब हम सिर्फ ​योगी सरकार से उम्मीद लगाये हुए हैं और जब तक हमें हमारे घर नहीं मिलते, हम इसी तरह सड़को पर उतर कर अपने बच्चों के साथ धरना प्रदर्शन करते रहेगे और अगर अपना घर पाने के लिए आत्मदाह भी करना पड़े तो करेंगे।

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने निवेशकों भरोसा दिलाया कि वे कि आम्रपाली के मालिक अनिल शर्मा की संपत्ति पर सबसे पहला हक निवेशकों का है, वे निवेशकों की आवाज को मोदी और अमित शाह तक पहुचायेंगे। और जल्द से जल्द उन्हें उनका फ्लैट दिलवाएंगे। अब देखना ये है कि महेश शर्मा इन लोगों के विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं और अपने घर की बांट जोह रहे और बिल्डर से धोखा खाए लोगों को कब तक इनका आशियाना दिलवा पाते हैं।    

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े