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मायावती ने कोयला क्षेत्र में निजीकरण को लेकर मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, फैसले को बताया'धन्नासेठों के तुष्टिकरण की एक और नीति’

बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कोयला क्षेत्र का निजीकरण करने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार कड़ी आलोचना की है। 24 फरवरी को दिल्ली में बीएसपी के केंद्रीय कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में मायावती ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्ति कोयला का भी निजीकरण करके प्राइवेट कंपनियों को कोयला खदानों में उत्पादन और इस्तेमाल की अनुमति देने का फैसला वास्तव में‘धन्नासेठों के तुष्टिकरण’ की एक और नीति है।

मायावती ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुट्ठीभर बड़े-बडे पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हित लगातार काम किए जा रहे हैं, परंतु देश के सवा सौ करोड़ गरीबों, मजदूरों,किसानों,युवा बेरोजगारों और  अन्य मेहनतकश लोगों से किए गए ‘अच्छे दिन’के वादे आदि क्यों नहीं पूरे किए जा रहे हैं। जबकि इनमें ही देश का असली हित निहित है। उन्होंने ये भी कहा कि बड़े-बड़े पूंजीपति और धन्नासेठ अपने निजी स्वार्थ और लाभ के लिए देशहित से घिनौना खिलवाड़ करते हुए सरकारी बैंको का अरबों-खरबों रुपयों का गबन कर रहे हैं और सरकार की संलिप्तता के कारण देश से फरार होने में भी सफल हो रहे हैं। मायावती ने कहा कि कोयला जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति का भी दोहन करने  के लिए इसका निजीकरण करना एक बड़ी चिंता की बात है।

बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी सरकार हर बड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्र का निजीकरण करके एक ऐसे गुप्त एजेंडे पर काम कर रही है, जिससे दलितों और पिछड़े वर्ग केलिए रोजगार में आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित तो हो रही है, इससे देश का भी अहित हो रहा है और इसका खामियाजा पूरे देश को काफी लंबे समय तक भुगतना पड़ेगा, क्योंकि पूरा देश खुली आंखों से देख रहा कि निजी  क्षेत्र की कंपनियां देश को लूटने में लगी हुई हैं और बीजेपी सरकार अपना कान-आंख सब बंद किए हुए है। देश लुट रहा है और सेवादार और चौकीदार सब सत्ता के नशे में धुत नजर आ रहे हैं।

मायावती ने ये भी कहा कि कुल मिलाकर देश में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की तरह आर्थिक जगत में भी पूरी तरह अराजकता और जंगलराज लागू हो गया लगता है और प्रधानमंत्री मोदी सरकार अपने कानून और संविधान से ऊपर मानकर अनुचित व्यवहार कर रही है। उसे लगता है कि बीजेपी की सरकार द्वारा किए जा रहे हर अनैतिक और आपराधिक कृत्य वाले काम भी देशहित में ही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मोदी सरकार के लगभग 4 वर्ष के कार्यकाल में देश की आम जनता ने यह महसूस कर लिया है कि देश की संपत्ति को लूटने और लुटाने के मामले में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों की सरकारें चोर-चोर मौसरे भाई ही लगते हैं, जो कि देशहित में अत्यंत ही घातक प्रवृति है।

मुख्य संवाददाता
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