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कम्बोडियाई परंपरा से बना भगवान बुद्ध का मंदिर, जनता को समर्पित

उत्तरप्रदेश- इलाहबाद से करीब पचास किलोमीटर दूर भगवान बुद्ध की धर्मस्थली कही जाने वाली कौशांबी की धरती एक बार फिर विदेशी बौद्ध धर्मगुरुओं व अनुयायियों के शंखनाद से भक्तिमय हो गई है | आज हुए एक भव्य समारोह में तथागत भगवान् बुद्ध के मंदिर को आम जनमानस के लिए खोल दिया गया है | इसका उद्घाटन कम्बोडिया के धर्म गुरु व् सेकेंड डिप्टी संघ नायक डॉ. एएम लिम हेंग ने किया, इस कार्यक्रम में शिरकत करने बौद्ध सर्किट से जुड़े सैकड़ो बौद्ध धर्म के अनुयायी पहुचे |   कौशांबी क्षेत्र के कोसम इनाम गांव में करोड़ों की लागत से कंबोडियन मंदिर का निर्माण कराया गया है। इस मंदिर का उद्घाटन करने के लिए कंबोडिया से धर्मगुरु व सेकेंड डिप्टी संघ नायक डॉ. एएम लिम हेंग तकरीबन साढ़े चार से पांच सौ अनुयायियों के साथ परंपरागत रीतियों से किया | इसमें श्रीलंका से भी तमाम अनुयायी शामिल हुए । विदेशी मेहमानों का नेतृत्व कंबोडियन राज दूतावास के काउंसलर व डिप्टी चीफ ऑफ मिशन पिछखुन पेन्ह ने किया। मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि यह अपने आप में ऐसा पहला मंदिर होगा जहां भगवान् तथागत की प्रतिमा अभय मुद्रा में स्थापित है | सीमा नाम से बने इस मंदिर के मुख्य संस्थापक अध्यक्ष डॉ धम्म पाल जी महाराज ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण पिछले 5 सालो से किया जा रहा था | जिसको आज इन्डियन और कम्बोडियाई परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना के बाद जनता के लिए खोल दिया गया है |   

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