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कुमार विश्वास के खिलाफ बहुजन समाज में रोष, देशभर में धरना प्रदर्शन, कई जगह दर्ज कराई गई एफआईआर

आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के द्वारा की गई बाबा साहब भीमराव अंबेडकर पर अभद्र टिप्पणी का मामला गरमाता जा रहा है। जातिवादी व्यवस्था के पोषक बन चुके कुमार विश्वास के खिलाफ दलित समाज में बेहद गुस्सा है। दलित समाज से जुड़े सामाजिक संगठनों और समाजेवियों ने देशभर में कई जगह कुमार विश्वास के खिलाफ प्रदर्शन किया और थानों में एफआईआर दर्ज करा कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।     

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और राजस्थान के प्रभारी कुमार विश्वास ने पार्टी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए जातिवाद बढ़ाने और आरक्षण के मुद्दे पर बाबा साहब भीमराम अंबेडकर को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। कुमार विश्वास के द्वारा की गई कथित टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया में दलित चिंतकों से लेकर सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों में गहरी नाराजगी है। इतना ही नहीं अब दलित समाज के तमाम संगठन कुमार विश्वास के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं।

2 दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर मानव हितकारी संगठन के अध्यक्ष विनोद संगत के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने दिल्ली के कल्याणपुरी थाने के एसपी से मुलाकात की और कुमार विश्वास के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज कराई।

दिल्ली में ही 3 दिसंबर को दलित समाज से जुड़े वीर संदीप कुमार सरसार, वीर रुपेश कुमार, वीर बीएल चंदेल, वीर राजकुमार (फौजी), राकेश सांगवान, रविंदर जलोटा, वीर अनिल सूद समेत कई लोगों ने बाबा साहब के बारे में अपशब्द कहने पर आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास  के खिलाफ सुल्तानपुरी थाने में एफआई दर्ज कराई बुलंदशहर में भी 3 दिसंबर को समता सैनिक दल के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार गौतम ने नगर कोतवाली में आप नेता कुमार विश्वास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। समता सैनिक दल के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार गौतम ने आरोप लगाया है कि कुमार विश्वास ने अपने बयान में बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है। साथ ही कुमार विश्वास ने अपने वीडियो में एक उदाहरण देकर दलित समाज का अपमान किया है, जिससे जाति विशेष की भावनाओं के ठेस पहुंची है।

दलित समाज के सामाजिक संगठन युवा शक्ति दल के कार्यकर्ताओं ने भी 3 दिसंबर को गाज़ियाबाद के वसुंधरा में  बाबा साहब पर अभद्र टिप्पणी करने के विरोध में कुमार विश्वास के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। युवा शक्ति दल के अध्यक्ष रवि गौतम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर गाजियाबाद में वसुंधरा के सेक्टर 3 में स्थित कुमार विश्वास के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और घर पर कालिख पोतने का प्रयास किया, वहां पहले से तैनात पुलिस के जवानों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। इस दौरान युवा शक्ति दल के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। इंदिरापुरम थाने के एसएचओ सुनील दुबे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए शांत कराया। जानकारी के मुताबिक इस हंगामे के दौरान कुमार विश्वास घर पर मौजूद नहीं थे। जिसके बाद युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम, प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार जाटव, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्षों समेत सैंकड़ों भीम सैनिकों ने मौके पर ही इंदिरापुरम थाने के एसएचओ सुनील दुबे को ज्ञापन सौंपकर कुमार विश्वास के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर रवि गौतम ने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से कुमार विश्वास को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग की है।

युवा शक्ति दल के पदाधिकारियों का कहना है कि अब बहुजन समाज अपने महापुरुषों का अपमान बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे उसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। युवा शक्ति दल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कुमार विश्वास के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वो दिल्ली के इंडिया गेट, रामलीला समेत कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

वहीं वरिष्ठ दलित लेखक और चिंतक कंवल भारती ने अपने फेसबुक अकाउंट पेज पर कुमार विश्वास कथित टिप्पणी को लेकर करारा जवाब दिया है। कंवल भारती का कहना है कि अफसोस होता है कुमार विश्वास जैसे बेवकूफ लोग अभी भी जातिव्यवस्था में विश्वास करते हैं और लोकतंत्र में भी धर्मतन्त्र के समर्थक बने हुए हैं। जरा इस ब्राह्मणवादी कुमार के बोल तो सुनो क्या कह रहा है ? वह कह रहा है एक आदमी (अम्बेडकर) जहां आकर जाति का बीज बो गया था। उससे पहले यहां जातिवाद नहीं था। सब मिलकर रहते थे। वह कह रहा है, एक मेहतरानी मेरी दादी के साथ शादी में साथ आई थी, (यानी दहेज के साथ आई थी)।  वह मेहतरानी हमारे घर की बहू को घूंघट न करने पर हजार गालियां सुनाकर चली जाती थी और हम उसे कुछ नहीं कहते थे।  यानी इतनी इज्जत थी उसकी।  कुमार जी पहले तो मैं तुम्हारी इस सामंती परम्परा पर थूकता हूँ, जिसमें मेहतरानी दहेज में भेजी जाती थी। दूसरे मैं तुम्हारी सामंती सोच पर थूकता हूँ, जो इस घृणित प्रथा को सही मानता है । डॉ. अम्बेडकर ने जाति का बीज नहीं बोया था, बल्कि उन्होंने दलितों को तुम्हारी गुलामी से निकालने का काम किया था, जिस पर तुम आज तक इसलिए बिलबिला रहे हो, क्योंकि अब गाँव में कोई दलित तुम्हारी गुलामी नहीं कर रहा है और वह समाज में तुम्हारे बराबर खड़ा हो गया है। तुम ब्राह्मणों को तुम्हारे गन्दे काम करने वाले गुलाम दलित चाहिए, जिसका रास्ता अम्बेडकर बन्द कर चुके हैं। इसलिए तुम जैसे घोर जातिवादियों को अम्बेडकर जातिवादी नजर आ रहे हैं।  कुमार विश्वास तुम राजनीति में सबसे जहरीले प्राणी हो। तुम जैसे लोगों की वजह से ही इस मान्यता को बल मिलता है कि ब्राह्मण कभी प्रगतिशील नहीं हो सकता।

समाजसेवी और एडवोकेट आर आर राजा का कहना है कि ऐसे मामलों में मांफी मांगना या मंगवाना समाधान नहीं है, जब तक बहुजन समाज ब्राह्मणवाद और मनुवादियों का बहिष्कार नहीं करेंगे तब इनकी सोच नहीं बदल सकती। यदि बहुजन सच में चाहता है कि ब्राह्मणवादियों और मनुवादियों की सोच बदले तो इनके यहां काम करना छोड़ें। साथ ही तमाम आडंबरों को छोड़ते हुए मंदिरों में चढ़ावा चढ़ावा औ इनकी दुकानों से खरीददारी भी बंद करनी होगी। 

मुख्य संवाददाता
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