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नहीं रहे गंगा पुत्र प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल

उत्तराखंड- गंगा को बचाने के लिए 112 दिन से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का निधन हो गया, वे 86 साल के थे। गंगा को बचाने के लिये ये उनका 5वां उपवास था। प्रोफेसर जीडी अग्रवाल आईआईटी के प्रोफेसर रह चुके थे और केंद्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के पहले सदस्य सचिव रह चुके थे और गंगा को बचाने के लिए काफी लम्बे समय से संघर्षरत थे।

प्रो. जीडी अग्रवाल द्वारा जल त्यागने के अगले ही दिन बुधवार दोपहर को प्रशासन ने उन्हें जबरन ले जाकर ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती करवा दिया था। जीडी अग्रवाल को स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद के नाम से भी जाना जाता रहा। उत्तराखंड सरकार ने उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा था लेकिन वे नहीं तैयार हुए और गंगा को बचाने के लिए अपनी लड़ाई लड़ते रहे।

इसके पहले, साल 2011 में मातृसदन के एक संत निगमानंद की गंगा के लिये अनशन करने के दौरान मृत्यु हो गई थी जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। वे गंगा संरक्षण के लिए सरकार द्वारा बनाए जाने वाले कानून के सख्त खिलाफ थे। उनका कहना था कि ये कानून मंत्रियों और नौकरशाहों के हाथों का खिलौना बन जाएगा और गंगा अपने वास्तविक रूप को खो देगी।

प्रेम पंचोली
प्रेम पंचोली
ब्यूरो चीफ
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