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मलयालम कवि के. श्रीकुमार पर हमला, आरएसएस के छह कार्यकर्ता गिरफ्तार

केरल- मशहूर मलयालम कवि के. श्रीकुमार पर हमला करने के आरोप में केरल पुलिस ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कवि सोमवार की रात केरल के कोल्लम जिले में एक पब्लिक फंक्शन को संबोधित करने के बाद अपने घर लौट रहे थे, उस वक्त आरएसएस के छह कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया था। आरएसएस के कार्यकर्तओं ने श्रीकुमार को बुरा-भला कहा और उन्हें पीटने की भी कोशिश की। हमले के दौरान कवि की कार को भी क्षति पहुंचाई गई।

मलयालम के मशहूर कवि के. श्रीकुमार ने बताया कि जब उनके ऊपर हमला किया गया, तब आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप करके उन्हें बचाया। वह किसी तरह खुद को बचाते हुए लोकल पुलिस स्टेशन पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब वे अपनी कार में बैठ रहे थे उस वक्त कुछ लोगों ने आकर उन्हें गाड़ी से खींचा और बदतमीजी की। उन्होंने  श्रीकुमार को पीटने की भी कोशिश की, लेकिन घटना स्थल पर कुछ लोगों ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए उन्हें बचाया। 

62 वर्षीय श्रीकुमार ने अपने संबोधन में कोच्चि के समीप वदयमपाड़ी में जातिगत दीवार के निर्माण को लेकर उठे विवाद पर हिंदुत्व ताकतों के रुख़ पर उनकी आलोचना की थी। कोल्लम के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बी. अशोकन ने बताया कि कवि की शिकायत के बाद 15 आरएसएस कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है जिनमें से छह गिरफ्तार किए गए हैं।

आरएसएस कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ केस दर्ज होने के बाद भाजपा की जिला इकाई के सदस्य एस. विजयन ने कडक्कल के एसआई से शिकायत दर्ज कराई है कि कवि श्रीकुमार का भाषण भड़काऊ था। कवि के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीकुमार ने अपने भाषण से सांप्रदायिक सदभाव को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश की है।

दूसरी ओर साहित्य समुदाय के लोग भी श्रीकुमार के समर्थन में सामने आए हैं और सोशल मीडिया पर इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। साहित्यकार के आर मीरा और के. सचिदानंदन ने आरएसएस कार्यकर्ताओं की धमकी के संबंध में अपना विरोध दर्ज कराया है. वहीं राज्य के कुछ हिस्सों में कवि को धमकाने के विरोध में शांति मार्च और सभा का आयोजन किया जा रहा है.

मुख्य संवाददाता
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