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साल 2011 से 2018 के बीच करीब तीन करोड़ खेतिहर मजदूरों से रोजगार छिना, NSSO का सर्वे

नई दिल्ली- NSSO द्वारा जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) 2017-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2011-12 के बाद से खेत में काम करने वाले लोगों की संख्या में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, 2011-12 और 2017-18 के बीच ग्रामीण भारत में करीब 3.2 करोड़ कैजुअल मजदूरों ने अपनी नौकरी खो दी, जो पिछले सर्वेक्षण में 29.2 प्रतिशत थी। नौकरी गंवाने में लोगों में लगभग तीन करोड़ खेती करने वाले थे। 

गौरतलब है कि कृषि क्षेत्र में कैजुअल लेबर से आय में ग्रामीण परिवारों का बड़ा हिस्सा है, जिसमें साल 2011-12 के बाद से 10 फीसदी की कमी आई हुई। NSSO के डेटा के मुताबिक ग्रामीण कैजुअल मजदूर खंड (खेती गैर खेती) में 7.3 फीसदी पुरुष और 3.3 फीसदी महिला रोजगार में कमी आई। यह कमी 2011-12 के बाद से आई है। इन आंकड़ों के हिसाब से कुल 3.2 करोड़ रोजगार का नुकसान हुआ है। हालांकि एनएसएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2018 में राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग द्वारा अनुमोदित है, मगर अभी तक सरकार द्वारा जारी नहीं की गई है। एनएससी के दो सदस्यों, जिसमें इसके कार्यवाहक अध्यक्ष पीएन मोहन भी शामिल थे, ने रिपोर्ट को वापस लेने का विरोध करते हुए जनवरी के अंत इस्तीफा दे दिया था।

मुख्य संवाददाता
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