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दिल्ली- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर सेक्स रैकेट चलाने वाला ढोंगी बाबा खुद को कहता था कृष्ण, 16000 लड़कियों से संबंध बनाने का था लक्ष्य

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंगलवार देर रात को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और महिला आयोग रोहिणी के विजय विहार में वीरेंद्र देव दीक्षित के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर चल रहे आश्रम पहुंचे और जांच की। जांच के बाद महिला आयोग ने ने बुधवार को हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी। और बताया कि बताया कि आश्रम में करीब 100 बंधक बनाई लड़कियां मिलीं। इनमें से ज्यादातर नाबालिग हैं। वीरेंद्र दीक्षित नशा करके रोज़ाना 10 लड़कियों से बलात्कार करता था। वो खुद को कृष्ण कहता है और लड़कियों को गोपियां। और उसने 16000 लड़कियों से संबंध बनाने का लक्ष्य रखा हुआ था। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि महिलाओं को नशीली दवाएं दी जाती थीं। 

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि देर रात को जब जांच टीम ढोंगी बाबा के डेरे पर पहुंची तो काफी देर तक उन्हें आश्रम के अंदर जाने की मशक्कत करनी पड़ी। खुद को भगवान बताने वाला ढ़ोंगी बाबा वीरेंद्र दीक्षित देशभर में आश्रम की शाखाएं चलाता है। यहां पर आने वाली महिलाओं को बाबा गोपियां कह कर संबोधित करता था। और खुद को कृष्ण बताता था। ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के साथ आश्रम से एक महिला और चौकीदार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आश्रम के कमरों से बड़ी मात्रा में दवाईयां और खाली सिरिंज, अश्लील वीडियो और किताबें मिली है। 

ये आश्रम लगभग 30 साल से दिल्ली में है, और यहां के बाबा वीरेंद्र दीक्षित पर पहले भी लड़कियों के यौन शोषण के आरोप लगते रहे हैं, ये मामला तब सामने आया जब बीते 12 नवंबर को एक महिला की ओर से दिल्ली में बाबा के खिलाफ केस दर्ज हुआ,  महिला के मुताबिक़ मामला साल 2000 का था।  जानकारी के मुताबिक आश्रम वाले लाख कोशिशों के बाद भी मां-बाप को अपनी बेटियों से मिलने नहीं देते। इनमें से कुछ मां-बाप ने एक NGO से संपर्क किया।

हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाली सीमा शर्मा ने बताया कि बाबा दीक्षा के नाम पर नाबालिग लड़कियों को आश्रम में रखता था। बच्चियों के परिवारवाले हर महीने रुपए भी भेजते हैं। पैरेंट्स से 10 रुपए के स्टाम्प पेपर पर उनकी रजामंदी का हलफनामा भराया जाता था। 18 साल की होने पर लड़कियों को कागज पर सिग्नेचर करने पड़ते थे। इसमें लिखा रहता था कि वे स्वेच्छा से रह रही हैं।

आश्रम में मौजूद महिलाओं ने जांच टीम को बताया कि वे वहां पर दीक्षा ले रही हैं, लेकिन वहां कोई भी धार्मिक ग्रंथ नहीं मिला। आश्रम के पास-पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां पर रात में लड़कियां आती-जाती हैं। यहां सेक्स रैकेट चलता है। ज्यादा उम्र होने के बाद महिलाओं को बाहर निकाल दिया जाता है। कई राज्यों की लड़कियां यहां रहती हैं। इनमें प्रमुख रूप से उड़ीसा, बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान शामिल हैं। बाबा पर रेप समेत कई धाराओं में 11 मामले दर्ज हैं। पुलिस इन सभी की जांच कर रही है। एडिशनल चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा कि यह मामला राम-रहीम जैसा हो सकता है इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

मुख्य संवाददाता
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