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UPDATE- बागपत में नाव पलटने से 22 लोगों की मौत, गुस्साए लोगों ने किया बवाल

गुरुवार की सुबह बागपत में मौत बनकर आई, काम पर जा रहे 60 से ज्यादा किसानों और मजदूरों से भरी नाव यमुना में पलट गई, जिसमें 22 लोगों की डूबने से मौत हो गई। लेकिन जिला प्रशासन ने 19 लोगों के मरने की आधिकारिक पुष्टि की है। अभी कुछ लोगों के लापता होने की बात कही जा रही हैं। नाव चालक फरार हैं। बचाव अभियान अभी जारी है। गाजियाबाद की एनडीआरएफ टीम और पुलिस के गोताखोर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल राम नाइक और यूपी के सीएम ने दुख जताया है। सीएम योगी नेे मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने का आदेश दिया है। 

बचाव कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने दिल्ली- सहारनपुर हाइवे जाम कर दिया। जाम को खत्म कराने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई ग्रामीण जख्मी हो गए। इससे गुस्साई भीड़ ने नीली बत्ती लगी एक सरकारी गाड़ी को फूंक डाला और पुलिस पर पथराव कर दिया। डीएम-एसएसपी और अन्य अफसरों से बदसलूकी की। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। भीड़ ज्यादा होने पर एक बार तो पुलिस को मैदान छोड़कर भागना पड़ा। उधर, प्रशासन फायिरंग से इनकार कर रहा हैं। केंद्रीय मंत्री और बागपत के सांसद डॉक्टर सत्यपाल और उनके साथ गए दो विधायकों योगेश धामा और केपी सिंह को भी विरोध का सामना करना पड़ा। आईजी के भरोसा दिए जाने पर भीड़ ने जाम समाप्त कर दिया।  

जानकारी के मुताबिक जहां यह हादसा हुआ वह बागपत जिला मुख्यालय से करीब छह किलमीटर दूर कांठा गांव है। यूपी के इस गांव के लोगों की जमीन यमुना नदी से लगी हरियाणा की सीमा में हैं। वहां हर दिन किसान और उनके साथ मजदूर नाव से ही खेतों में काम करने जाते हैं। गुरुवार को भी सुबह करीब साढ़े छह बजे गांव के ही रिजवान की नाव में लोग जा रहे थे। बीच यमुना नदी में नाव का संतुलन बिगड़ गया और पलट गई। नाव में सवार करीब 60 लोग यमुना में डूब गए। आसपास के लोगों के शोर मचाने पर पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।

हादसे के बाद ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने कई लोगों को बाहर निकाला। बचाव और राहत कार्य तेजी से चल रहा है। एसएसपी बागपत का कहना है कि पुलिस टीम ने 20 से ज्यादा डूबे लोगों को बाहर निकाला जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। जिन लोगों के शव बागपत पहुंचे है उनमें तेजपाल, रामपाल, सुनील नीरज, इलियास मुनेश, राजो, जुबैदा, मोहसिना, शमा शामिल हैं। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि हादसा बड़ा है। बवाल की स्थिति क्यों बनी इसकी जांच कराई जाएगी। पीड़ितों की हर संभव मदद होगी।

प्रत्यक्षदर्शी क कहना है नाव की क्षमता 20-25 से ज्यादा लोगों की नहीं थी लेकिन उसमें 60 से ज्यादा लोग बैठे हुए थे जिस वजह से ये हादसा हुआ, लोगों की जल्दबाजी और नाव चालकों के लालच के कारण यहां रोजाना यही होता है कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोगों को ले जाया जाता है। 

मुख्य संवाददाता
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