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शर्मनाक- महिला ने बीच-रास्ते में दिया बच्ची को जन्म, डॉक्टर और कर्मचारी ना होने के चलते अस्पताल पर लगा था ताला

उत्तराखण्ड- मंगलवार को त्यूणी कस्बे से एक ऐसी खबर आई, जिससे सिर्फ उत्तराखंड ही शर्मसार नहीं हुआ, बल्कि पूरे देश में बसने वाले ऐसे लोगों को भी शर्म आ जाए, जो विकास का दंभ भरते हैं। यहां एक महिला ने झूला पुल के ऊपर नवजात को जन्म दिया, क्योंकि यहां के सरकारी अस्पताल में कोई डाक्टर या कर्मचारी उपलब्ध नहीं था और अस्पताल पर ताला लगा था।  

मंगलवार की शाम करीब साढ़े चार बजे उत्तरकाशी जिले के ईशाली के रहने वाले दिनेश प्रसव पीड़ा होने के बाद अपनी पत्नी वनीता को त्यूणी पीएचसी ले गए। लेकिन स्टाफ ना होने के कारण अस्पताल में ताला लगा था। काफी देर हो जाने के बाद भी जब कोई डॉक्टर, कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं आया तो पीड़ा से कराहती वनीता को वे अन्यत्र अस्पताल के लिए चले गए लेकिन प्रसव पीड़ा इतनी बढ़ गई कि वनीता आगे नहीं चल पाई और त्यूणी स्थित झूले पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। हालांकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं लेकिन इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी रोष है।

त्यूणी पीएचसी में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। एकमात्र फार्मासिस्ट वीसी जोशी के भरोसे अस्पताल चल रहा है। फार्मासिस्ट जोशी का कहना है कि अस्पताल में न तो एएनएम है और नहीं कोई महिला चिकित्सक है। ऐसे में वह कैसे प्रसव करा सकते हैं। उधर डिप्टी सीएमओ संजीव दत्त का कहना है कि अस्तपाल में तीन चिकित्सकों की तैनाती के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गये हैं। लेकिन अब तक तैनाती नहीं हो पाई है।

अब ऐसे देश को विकसित बनाकर क्या करना है जिसमें आम आदमी की कोई भागीदारी ना हो।  और बेसिक सुविधाओँ के अभाव में सड़कों पर बच्चों को जन्म देना पड़ रहा है। इसलिए विश्व शक्ति बनने से पहले देशवासियों को मूलभुत सुविधाएं मिल जाएं तो शायद हमें अपनी आधुनिकता पर शर्मसार ना होना पड़े।  

प्रेम पंचोली
प्रेम पंचोली
ब्यूरो चीफ
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