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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी से किया चुनावी गठबंधन, कांग्रेस की मुहिम को लगा झटका

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। गुरुवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में मायावती के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती और अजीज जोगी ने बीएसपी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ हुए गठबंधन का ऐलान किया। गठबंधन के फॉर्मूले के अनुसार छत्तीसगढ़ की कुल 90 विधानसभा सीटों में से बीएसपी 35 सीटों पर और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे ) 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। और दोनों पार्टियों की तरफ से अजीज जोगी मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी होंगे।
  
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए कांग्रेस की महागठबंधन की मुहिम को बड़ झटका देते हुए  अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ हाथ मिला लिया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने गुरुवार को लखनऊ में बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से उनके 9 माल एवेन्यू स्थित आवास पर मुलाकात की और गहन मंथन के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गठबंधन का ऐलान किया।  

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती और अजीत जोगी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य में होने वाले विधानसभा आमचुनाव एक साथ मिलकर लड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि समान विचारधारा वाले दोनों दलों के बीच हुए इस ऐतिहासिक गठबंधन से छत्तीसगढ़ के गरीब, अनुसूचित जाति, आदिवासी, अन्य पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक और स्थानीय किसानों युवाओं , महिलाओं और छोटे व्यापारियों को एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प मिलेगा। मायावती और अजीत जोगी ने अपने बयान में ये भी कहा कि  पिछले पंद्रह साल में छत्तीसगढ़ में असंतुलित विकास हुआ है। बीजेपी के शासनकाल में गरीब और गरीब हुआ और अमीर और अमीर बना। संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण ढाई करोड़ लोगों के विकास के लिए हुआ था, न कि ढाई लाख लोगों को अमीर बनाने के लिए। बयान में उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली पर फैसलों की निर्भरता और बीजेपी के साथ इंडियन नेशनल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं की विवशता और निष्क्रियता के कारण छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों के हितों से सदैव समझौता होता आया है। 

बीएसपी सुप्रीम मायावती और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का ये भी मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा को दूर करने के लिए एक मजबूत क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व नेतृत्व की आवश्यकता है। दोनों नेता छत्तीसगढ़ के फैसले छत्तीसगढ़ के लोगों द्वारा छत्तीसगढ़ में लिए जाने के पक्षधर हैं। दोनों नेताओं का ये भी मानना है कि बीएसपी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का छत्तीसगढ़ में मजबूत जनाधार है। दोनों दलों के एक साथ आने से छत्तीसगढ़ का गरीब, अनुसूचित जाति समाज, आदिवासी, अन्य पिछड़ा वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक तथा मेहनतकश समाज संगठित होगा। संतुलित और स्थानीय लोगों के विकास के लिए भारी बहुमत से छत्तीसगढ़ में संयुक्त रूप से सरकार बनाएगा। जिसका नेतृत्व अजीत जोगी करेंगे। मायावती और अजीत जोगी के हस्ताक्षर से जारी इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि मायावती के नेतृत्व में समान विचारधारा के अन्य दलों को भी सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देकर गठबंधन का स्वरूप बढ़ाया जाएगा, ताकि दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर ढाई करोड़ छत्तीसगढ़वासियों की आवाज बुलंदी से उठाई जा सके।

इस संयुक्त बयान में दोनों पार्टियों के बीच हुए समझौते के फैसले की जानकारी दी गई, जिसमें 35 सीटों पर बीएसपी और 55 सीटों पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) लड़ेगा। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के लिए दोनों पार्टियां मिलकर वृहद और संगठित तरिके से चुनाव अभियान चलाएंगी, जिसकी रूप-रेखा जल्द ही तैयार कर ली जाएगी।  

बीएसपी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बीच हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए हुए इस गठबंधन से कांग्रेस की बीजेपी को सत्ता से बाहर करने की रणनीति को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले माना जा रहा था कि बीएसपी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतर सकती है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता बीएसपी नेताओं से संपर्क बनाकर गठबंधन के प्रयास में जुटे हुए थे। आपको बता दें कि बीएसपी यहां लंबे समय से चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है।

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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