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राम रहीम के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली उस साध्वी को सलाम, जिसकी वजह से आज बाबा का सच दुनिया के सामने आया

आज अगर डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का असली चेहरा दुनिया के सामने आया है तो उसका श्रेय उस साध्वी को जाता है जिसने 2002 में एक चिट्ठी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखी और प्रधानमंत्री जी ने भी गंभीरता को देखते हुए, मामले की जांच शुरू करवाई। ये हिम्मत भरा कदम उस साध्वी ने उस समय उठाया था जब बाबा के बारे में उसका परिवार भी विश्वास करने को तैयार नहीं था, बाबा अपने डेरे के मैनेजर की हत्या करवा चुका था, और ना जाने कितनी साध्वियों की ज़िंदगी बर्बाद कर चुका था।

राम रहीम पर रेप के दो मुक़दमे चल रहे हैं जिनकी शुरुआत 2002 में हुई थी। उस समय एक पीड़ित ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट, कई उच्च अधिकारियों और मीडिया संस्थानों को चिट्ठी लिखकर शिकायत की थी। प्रधानमंत्री के दखल के बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तब जा कर उन पर केस दर्ज कर सीबीई को जाँच सौप दी गई। सीबीआई के कुछ काबिल अफसरों ने दिसंबर 2002  में केवल एक चिट्ठी के साथ जांच शुरू की थी। पांच साल तक जाँच पड़ताल के बाद 2007  में सीबीआई ने आखिरकार बाबा राम रहीम के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, और जाँच एजेंसी ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। सीबीई के अनुसार, एक समय डेरे में लगभग 130 साध्वियां रहती थीं। 1997 से 2002 के बीच 24 साध्वियों ने डेरा छोड़ दिया था। जांच के दौरान 24 साध्वियों में से 20  को सीबीआई ने ढूंढ निकाला था, जिनमें से कई साध्वियों ने शादी कर ली थी। सीबीआई के आग्रह के बाद 18 साध्वियों ने आगे आकर अपना बयान बाबा राम रहीम के खिलाफ़ दर्ज करवाया।

आइये एक नज़र डालते हैं उस चिट्ठी पर जिसे 15 साल पहले लिखा गया था। और जिसकी वजह से बाबा का सच दुनिया के सामने आ सका।

”मैं पंजाब की रहने वाली हूं और अब पांच साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा (हरियाणा, धन धन सतगुरु तेरा ही आसरा) में साधु लड़की के रूप में कार्य कर रही हूं। सैकड़ों लड़कियां भी डेरे में 16 से 18 घंटे सेवा करती हैं। हमारा यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साथ में डेरे के महाराज गुरमीत सिंह द्वारा योनिक शोषण (बलात्कार) किया जा रहा है। मैं बीए पास लड़की हूं। मेरे परिवार के सदस्य महाराज के अंध श्रद्धालु
 हैं, जिनकी प्रेरणा से मैं डेरे में साधु बनी थी।



चिट्ठी साभार- गांव कनेक्शन

साधु बनने के दो साल बाद एक दिन महाराज गुरमीत की प्रमाशया साधु गुरजोत ने रात के 10 बजे मुझे बताया कि महाराज ने गुफा (महाराज के रहने के स्थान) में बुलाया है। मैं क्योंकि पहली बार वहां जा रही थी, मैं बहुत खुश थी। यह जानकर कि आज खुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है। गुफा में ऊपर जाकर जब मैंने देखा महाराज बेड पर बैठे हैं। हाथ में रिमोट है, सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही है। बेड पर सिरहाने की ओर रिवॉल्वर रखा हुआ है। मैं ये सब देख कर हैरान रह गई… मेरे पांव के नीचे की ज़मीन खिसक गई। यह क्या हो रहा है। महाराज ऐसे होंगे, मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। महाराज ने टीवी बंद किया व मुझे साथ बिठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है। मेरा ये पहला दिन था। महाराज ने मुझ को बांहों में लेते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं। तुम्हारे साथ प्यार करना चाहते हैं क्योंकि तुमने हमारे साथ साधु बनते वक्त तन मन धन सतगुरु को अर्पण करने को कहा था। सो अब ये तन मन हमारा है। मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि कोई शक नहीं, हम ही खुदा हैं। जब मैंने पूछा कि क्या यह खुदा का काम है, तो उन्होंने कहाः

1. श्री कृष्ण भगवान थे, उनके यहां 360 गोपियां थीं। जिनसे वह हर रोज़ प्रेम लीला करते थे। फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं। यह कोई नई बात नहीं है।
2. यह कि हम चाहें तो इस रिवॉल्वर से तुम्हारे प्राण पखेरू उड़ाकर दाह संस्कार कर सकते हैं। तु्म्हारे घर वाले हर प्रकार से हमारे पर विश्वास करते हैं व हमारे गुलाम हैं। वह हमारे से बाहर जा नहीं सकते, यह बात आपको अच्छी तरह पता है।
3. यह कि हमारी सरकार में बहुत चलती है। हरियाणा व पंजाब के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री हमारे चरण छूते हैं। नेता हमसे समर्थन लेते हैं, पैसा लेते हैं और हमारे खिलाफ कभी नहीं जाएंगे। हम तुम्हारे परिवार से नौकरी लगे सदस्यों को बर्खास्त करवा देंगे। सभी सदस्यों को मरवा देंगे और सबूत भी नहीं छोड़ेंगे, ये तुझे अच्छी तरह पता है कि हमने पहले भी डेरे के प्रबंधक को खत्म करवा दिया था, जिनका आज तक अता-पता ना है। ना ही कोई सबूत बकाया है। जो कि पैसे के बल पर हम राजनीतिक व पुलिस और न्याय को खरीद लेंगे। इस तरह मेरे साथ मुंह काला किया और पिछले तीन माह में 20-30 दिन बाद किया जा रहा है।

आज मुझको पता चला कि मुझ से पहले जो लड़कियां रहती थीं, उन सबके साथ भी मुंह काला किया है। डेरे में मौजूद 35 से 40 साधु लड़की 35-40 वर्ष की उम्र से अधिक है, जो शादी की उम्र से निकल चुकी हैं। उन्होंने परिस्थितियों से समझौता कर लिया है, इनमें ज़्यादा लड़कियां बीए, एमए, बीएड पास हैं। घरवालों के कट्टर अन्धविश्वासी होने के कारण नरक का जीवन जी रही हैं। हमें सफेद कपड़े पहनना, सिर पर चुन्नी रखना, किसी आदमी की तरफ आंख ना उठाकर देखना, आदमी से पांच-दस फुट की दूरी पर रहना महाराज का आदेश है। हम दिखाने में देवी हैं, मगर हमारी हालत वेश्या जैसी है।

मैंने एक बार अपने परिवार वालों को बताया कि यहां डेरे में सब कुछ ठीक नहीं है तो मेरे घर वाले गुस्से में कहने लगे कि अगर भगवान के पास रहते हुए ठीक नहीं है, तो ठीक कहां है। तेरे मन में बुरे विचार आने लग गए हैं। सतगुरु का सिमरन किया कर मैं मजबूर हूं। यहां सतगुरु का आदेश मानना पड़ता है। यहां कोई भी दो लड़कियां आपस में बात नहीं कर सकती, घर वालों को टेलीफोन मिलाकर बात नहीं कर सकती…

पिछले दिनों जब बठिण्डा की लड़की साधु ने जब महाराज की काली करतूतों का सभी लड़कियों के सामने खुलासा किया तो कई साधु लड़कियों ने मिलकर उसे पीटा…

एक कुरुक्षेत्र जिले की एक साधु लड़की जो घर आ गई है, उसने घर वालों को सब कुछ सच बता दिया है। उसका बड़ा भाई सेवादार था जो कि सेवा छोड़कर डेरे से नाता तोड़ चुका है।

संगरूर जिले की एक लड़की जिसने घर आ कर पड़ोसियों को डेरे की काली करतूतों के बारे में बताया तो डेरे के सेवादार गुंडे बंदूकों से लैस लड़की के घर आ गए। घर के अंदर कुण्डी लगाकर धमकी दी….

अतः आप से अनुरोध है कि इन सब लड़कियों के साथ-साथ मुझे भी मेरे परिवार के साथ मार दिया जाएगा, अगर मैं इसमें अपना नाम लिखूंगी… हमारा डॉक्टरी मुआयना कराया जाए ताकि हमारे अभिभावकों को व आपको पता चल जाएगा कि हम कुंवारी देवी साधू हैं या नहीं, अगर नहीं तो किसके द्वारा बर्बाद हुई हैं।”

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