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आपदा प्रबंधन में युवाओँ की भूमिका पर कार्यशाला का आयोजन

विश्व युवक केंद्र व ग्लोबल रेस्क्यू फ़ाउंडेशन द्वारा 25 व 26 अगस्त को दो दिवसीय कार्यशाला " का आयोजन किया गया। जिसका विषय था आपदा प्रबंधन में युवाओं की भूमिका " ।  

यह कार्यशाला युवाओं पर केंद्रित रही एवं आपदा प्रबंधन विषय पर विशेषज्ञों ने भविष्य में युवाओं की भूमिका के बारे में चर्चा की। इस नान प्रोफ़िट ऑर्गनिज़ेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी रामनवल सिंह ने मीडिया से बातचीत में इस बात पर ज़ोर दिया की युवा इस देश की ऐसी शक्ति हैं, जिसे सही दिशा देकर भविष्य की हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।  

कार्यक्रम की शुरुआत में तमाम प्राकृतिक आपदओं में मानव जीवन की क्षति पर दो मिनट का मौन धारण करके श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में 250 से ज़्यादा संख्या में दिल्ली यूनिवर्सिटी, एमीटी यूनिवर्सिटी , श्री राम कॉलेज आफ कामर्स, शहीद भगत सिंह कॉलेज, इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी एवं विभिन्न ईंजीनियरिंग संस्थान के युवा उपस्थित रहे।  

हिंदी के जाने माने साहित्यकार केदारनाथ सिंह ने दीप प्रज्वलन किया,  हर्षवर्धन सिंह डेप्युटी डायरेक्टर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन, ओ पी सिंह ( डायरेक्टर जनरल सी.आइ.एस.एफ) , नीरज शेखर सांसद राज्य सभा, लेफ़्टिनेंट जनरल बी बोपन्ना ( डायरेक्टर एमिटी यूनिवर्सिटी) , वी, के. शर्मा ( उपाध्यक्ष सिक्किम डिज़ैस्टर मैनिजमेंट अथॉरिटी) , ब्रिगेडियर बी. के. बहल , सुषमा शेखर एवं विश्व युवा केंद्र से उदय शंकर सिंह उपस्थित रहे।  

विश्वविख्यात अर्थशास्त्री हर्षवर्धन सिंह ने आपदा के कारण होने वाली आर्थिक क्षति से अवगत कराया, और कहा कि हमारे देश की जी॰डी॰पी॰ का 2 से 3 प्रतिशत नुकसान प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के कारण होता है। इस विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए ओ. पी. सिंह (डिरेक्टर जेनरल सी.आइ.एस.एफ. ) ने इसे पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने पर जोर दिया।  

समापन समारोह में नेहरू युवक केंद्र मिनिस्ट्री ओफ़ यूथ वेल्फ़ेर एंड स्पोर्ट्स के वाइस चेर्मन दिनेश प्रताप सिंह ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए बताया की आने वाले समय में देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए युवा वर्ग को संकल्पित होना होगा और यह तभी सम्भव होगा जब युवा प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदा से जीवन एवं आर्थिक क्षति के न्युनिकरण के लिए तैयार रहे।  

इस कार्यक्रम में रिटायर्ड आई.ए.एस जी प्रसन्ना डायरेक्टर जनरल हरियाणा इन्स्टियूट ऑफ़ पब्लिक इन्सटिटयूट, कमल किशोर (मेम्बर एन.डी.एम.ए, मिनिस्ट्री ओफ़ होम अफ़ेयर्स) की गरमामयी उपस्थिति रही एवं नेशनल इन्सटिटयूट ऑफ़ डिजास्टर मेनेजमेंट से सीनीयर साइंटिस्ट चंदन घोष एवं संतोष कुमार ने युवाओं को सम्बोधित किया।  

इस संदर्भ में ग्लोबल रेस्क्यू फ़ाउंडेशन के मुख्य प्रबंधन विभाग से मोहित वर्मा, प्रभात सिंह, अधिराज सिंह, संजीव अग्रवाल, सौरभ सिंह एवं पीयूष सिंह ने संयुक्त रुप से अपने विचार रखे और कहा कि इस संवेदनशील विषय पर सरकार को आपदा के पश्चात राहत प्रदान के बजाय अत्याधिक ध्यान तैयारी (केपेसिटी बिल्डिंग) पर देना होगा जिसकी नींव युवाओं को साथ लेकर ही रखी जा सकती है।  

मुख्य संवाददाता
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