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UPDATE- गोरखपुर में छात्रों ने डीएम को सौंपा पत्र, फर्जी मुकदमें हटाने की लगाई गुहार

गोरखपुर- छात्र संघ ने गोरखपुर जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया कि छात्र-छात्राओं पर लगाए गए फर्जी मुकदमें हटाए जाएँ। छात्रों ने जिलाधिकारी को जानकारी देते हुए लिखा है कि चुनाव टालने के बाद छात्र नेताओं ने प्रशासनिक भवन पर विरोध प्रदर्शन किया गया था, इसी बीच छात्र नेताओं और कर्मचारियों से बीच-बहस हुई थी। जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई।, ये सारी घटनाएं सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हैं, आप सीसीटीवी में रिकॉर्ड वीडियो क्लिप देख सकते हैं, जिनमें वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने किस तरह बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई छात्र छात्राओं को गंभीर चोटें आई थीं। इतना ही नहीं छात्रों को छात्रावास से को कमरे से खींच-खींच कर पीटा गया और मोबाइल, कंप्यूटर, लेपटॉप तोड़ दिए गए। घटना के बाद पुलिस द्वारा 27 नामजद और 10 अज्ञात छात्र-छात्राओं पर हत्या का प्रयास जैसे गंभीर आपराधिक धाराएं लगा दी गई है।  

इस घटना में नामजद शिवेंद्र पांडे को पुलिस ने मौके पर गिरफ्तार किया लेकिन तुरंत ही निजी मुचलके पर रिहा भी कर दिया, वहीं दोहरा मापदंड अपनाते हुए, इसी मुकदमें में एक छात्र नेता कमलेश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मुकदमा लिखे जाने के बाद से कई छात्र-छात्राएं डरी और सहमी है। क्योंकि उनमें तमाम छात्र-छात्राएं जेआरएफ, नेट और कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हैं। पत्र में निवेंदन किया गया है कि छात्र छात्राओं के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन पर दर्ज सभी फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।  

गौरतलब है कि 8 सितंबर को उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा गोरखपुर आए थे और छात्र संघ चुनाव कराने के लिए सरकार की पूर्वानुमति लेने को जरूरी बताया था। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन 18 सितम्बर को होने वाले छात्र संघ चुनाव कराने की अपनी घोषणा को निरस्त कर दिया। जब छात्रों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस व पीएसी ने जमकर लाठीचार्ज किया। छात्र-छात्राओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। छात्राएं भी पिटाई का शिकार हुईं थीं। जब छात्र भागकर छात्रावासों में घुस गए थे, तो छात्रों को उनके कमरों से निकाल-निकाल कर पीटा गया था। पिटाई के दौरान दो दर्जन से ज्यादा छात्र घायल हुए थे। महिला छात्र नेता अन्नू प्रसाद सहित कई घायल छात्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। और करीब डेढ़ दर्जन छात्रों को हिरातस में लिया गया था। छात्रों ने ये भी आरोप लगाया था कि सरकार को एबीवीपी की हार का डर है, इसीलिए वो छात्र संघ चुनाव नहीं कराना चाहती।

रमाकांत
रमाकांत
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