img

यूपी में एसपी-बीएसपी की दोस्ती ने तोड़ा बीजेपी का घमंड, एसपी प्रत्याशियों ने गोरखपुर, फूलपुर में लहराया जीत का परचम

कहते हैं ‘देर आए दुरुस्त आए’ जी हां, यूपी में एसपी और बीएसपी ने एक बार फिर से मिल कर राजनीति की दिशा बदल दी है। इसका ताजा उदाहरण है गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में एसपी को मिली जीत। एसपी ने अपने सहयोगी दलों और बीएसपी के समर्थन से बीजेपी का किला ध्वस्त करते हुए इन दोनों सीटों पर जीत का परचम लहरा दिया है। इसके साथ ही 2019 में होने वाले आम चुनावों के लिए बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।


एसपी ने उपचुनाव में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटें जीत कर मोदी-योगी की लहर पर विराम लगा दिया है। बीजेपी की परंपरागत सीट माने जाने वाली गोरखपुर लोकसभा सीट पर एसपी प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने बीजेपी प्रत्याशी उपेंद्र  शुक्ल को 21,881 मतों से पराजित कर शानदार जीत हासिल की है।

इसी तरह इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में भी एसपी ने विजय का पताका लहराया है। यहां एसपी प्रत्याशी नागेंद्र पटेल ने बीजेपी प्रत्याशी कौशलेंद्र पटेल को 59,613 वोटों से मात देते हुए जीत दर्ज की है। यहां निर्दलीय प्रत्याशी अतीक अहमद को तीसरे और कांग्रेस प्रत्याशी मनीष मिश्रा तीसरे नंबर पर रहे हैं।

आपको बता दें कि गोरखपुर लोकसभा सीट पहले बीजेपी के कब्जे में थी। 2014 के चुनावों में यहां से योगी आदित्यनाथ सांसद चुने गए थे। उन्होंने 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली अपार सफलता मिलने पर यूपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर सीट से इस्तीफा दे दिया था। इसी तरह इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा सीट भी बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य के पास थी। उन्होंने यूपी में डिप्टी सीएम बनने के बाद ये सीट छोड़ दी थी।


यहां हम कह सकते हैं कि एसपी और बीएसपी की दोस्ती ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फूलपुर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बड़ा झटका दिया है। लोकसभा की इन दोनों सीटों के चुनावी नतीजे ये भी स्पष्ट होने लगा है कि  ये नतीजे यूपी के साथ-साथ देश के राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे और एसपी-बीएसपी के साथ-साथ कांग्रेस को भी एक मंच पर लाने को मजबूर करेंगे। फिलहाल इन नतीजों से उत्साहित होकर एसपी और बीएसपी समर्थकों ने एक साथ सड़कों पर उतर जश्न मनाया। 


यूपी की सियासत में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब एसपी और बीएसपी के कार्यकर्ताओं ने एक साथ जीत की खुशियां मनाई हैं। वो भी पूरे 23 साल बाद। आपकों बता दें कि बीएसपी ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव से कुछ दिन पहले ही एसपी प्रत्याशियों के लिए समर्थन का ऐलान कर सबको चौंका दिया था। जिसका नतीजा भी बेहद सुखद रहा ।

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े