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शरद यादव ने बनाई नई पार्टी 'लोकतांत्रिक जनता दल'

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव अगले महीने अपनी पार्टी का एलान करेंगे। चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी के नाम को हरी झंडी दे दी है। शरद गुट ने चुनाव आयोग को पार्टी का नाम लोकतांत्रिक जनता दल और समाजवादी जनता दल सुझाया था। सूत्रों के मुताबिक आयोग ने लोकतांत्रिक जनता दल नाम का आवंटन कर दिया है लेकिन चुनाव चिह्न का आवंटन अभी नहीं हो सका है। हालांकि, शरद यादव फिलहाल इस पार्टी में कोई पद नहीं संभालेंगे लेकिन वो इसके संरक्षक बने रहेंगे। सुशीला मोराले को पार्टी का महासचिव बनाया गया है। अगले महीने 18 मई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पार्टी के पदाधिकारियों के नाम का एलान होगा। साथ ही पार्टी गठन की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। शरद यादव समर्थकों का एक सम्मेलन बुलाया गया है।

ऐसा माना जा रहा है नई पार्टी का गठन करने के पीछे मुख्य उद्देश्य बीजेपी को केंद्र की सत्ता से बाहर करना है और देशभर में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक लड़ाई लड़ना है। शरद यादव तकनीकी कारणों से फिलहाल इस पार्टी में पदधारी नहीं होंगे।

गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई में जब नीतीश कुमार ने बिहार में महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बना ली थी तब शरद यादव ने खुलेआम नीतीश की आलोचना शुरू कर दी थी। बाद में जदयू अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव के 21 समर्थकों को पार्टी से निकाल दिया था और जदयू नेताओं द्वारा संदेश दिलवाया था कि लालू यादव की पटना रैली में शामिल न हों लेकिन शरद यादव ने वैसा नहीं किया। इसके बाद जदयू ने राज्य सभा के सभापति को पत्र लिखकर राज्य सभा में पार्टी का नेता पद से भी हटवा दिया था और राज्यसभा की सदस्यता रद्द करने की अर्जी दी थी। इसके बाद 5 दिसंबर को शरद यादव और दूसरे जदयू सांसद अली अनवर की राज्य सभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। सभापति के इस फैसले को शरद यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। फिलहाल यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है।

मुख्य संवाददाता
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