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अब सरकारी खर्च पर होगा इशु के पापा का इलाज, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गांव में भेजी गई डाक्टरों की टीम

सहारनपुर। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक मासूमियत भरी चिट्ठी एक फोटो के साथ वायरल हो रही थी, जिसमें बच्ची ने अपने हाथों से एक चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी जी के नाम लिखी थी,  जिसमें लिखा था कि श्री मोदी जी मेरे पापा एक साल से कोमा में हैं। सड़क दुर्घटना के वक्त उनके सिर में गहरी चोट लग गई थी। घर में पैसे नहीं होने के कारण हम उनका सही तरीके से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। इलाज तो दूर घर में दाने-दाने को मोहताज हैं। मैं अपने बीमार पापा, मम्मी और एक साल के छोटे भाई के साथ कच्चे मकान में रहती हूं। आपसे प्रार्थना है कि मेरे पापा का इलाज कराएं।

एक भले मानस ने इस पत्र को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट किया था। जिसके बाद शनिवार को सीएम आदित्यनाथ ने ट्वीट पर अपना ध्यान केंद्रित किया और जिला प्रशासन को बच्ची ईशु के पापा अरूण का उपचार कराए जाने के आदेश दिए।   जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि धन के अभाव के चलते इलाज में कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बाबत सीएमओ को आदेश दिए गए हैं कि गांव में डाक्टरों की टीम को भेजकर अरूण का उपचार प्रारंभ कराया जाए। यदि उनका इलाज हायर सेंटर में भी कराना पड़े तो इस बाबत भी कार्रवाई की जाए। मख्यमंत्री राहत कोष से अरूण के इलाज का तमाम खर्च वहन किया जाएगा।  

 

गौरतलब है कि गंगोह ब्लॉक क्षेत्र के गांव अलीपुरा निवासी अरूण फोटोग्राफी करते हैं। करीब एक साल पहले वह गांव मिर्जापुर से फोटोग्राफी कर वापस लौट रहे थे कि एक ट्रेक्टर ट्राली की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। हालत नाजुक होने के चलते उन्हें चंडीगढ रेफर कर दिया गया था, जहां पर वह कोमा में चले गए थे। परिजनों के पास आगे का उपचार कराने के लिए पैसे ना होने के कारण परिजन अरूण को वापस अपने गांव लेकर आ गए थे। तीन दिन पहले अरूण की छह साल की बेटी ईशु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने पापा की जान बचाने और इलाज कराए जाने की गुहार लगाई थी।

सतीश आज़ाद
सतीश आज़ाद
संवाददाता
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