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वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा गिरफ्तार, एकजुट हुए पत्रकार, बताया प्रेस पर हमला

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने विनोद वर्मा को ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में गिरफ्तार किया है। छत्तीगढ़ पुलिस को उनकी ट्रांजिट रिमांड दे दी गई है और उन्हें अब छत्तीसगढ़ ले जाया जाएगा और उन्हें छत्तीसगढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा। विनोद वर्मा बीबीसी और अमर उजाला में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एच एन सिंह ने बताया कि विनोद वर्मा को इंदिरापुरम के वैभव खंड स्थित महागुन मेंशन अपार्टमेंट से रात साढ़े तीन बजे छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि उनके घर से करीब 500 पोर्न सीडी, दो लाख रुपए नकद, लैपटॉप और एक डायरी बरामद की गई है।  

उन्होंने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के पंडरी पुलिस स्टेशन में पत्रकार के खिलाफ ब्लैकमेल और उगाही का मामला दर्ज करवाया गया था। रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक संजीव शुक्ला ने  बताया कि प्रकाश बजाज नामक व्यक्ति ने रायपुर के पंडरी पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन पर परेशान किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। फोन करने वाले व्यक्ति ने उसे कहा था कि उसके पास उसके आका की एक सीडी है। पुलिस ने माना कि न एफआईआर में विनोद वर्मा का नाम है, न कहीं उन्होंने फोन किया। बस एक सीडी वाले से मिले नंबर की बुनियाद पर उन्हें गिरफ़्तार किया गया।

संजीव शुक्ला ने बताया कि फोन करने वाले ने उसे धमकी दी थी कि उसकी मांग पूरी न होने पर वह सीडी बांट देगा। अधिकारी ने बताया कि एक खोजी दल पत्रकार का पता लगाने दिल्ली पहुंचा था। जांच के दौरान पुलिस को उस दुकान का पता चला जहां से इस सीडी को कॉपी कराया गया था। दुकानदार ने बताया कि विनोद वर्मा नामक व्यक्ति ने सीडी की एक हजार कॉपी तैयार कराई थी।  अधिकारी के अनुसार मामले में विनोद की संलिप्तता का पता चलने के बाद पुलिस ने गाजियाबाद में अपने समकक्ष से संपर्क कर पत्रकार को उसके घर से गिरफ्तार किया और वहां से सीडी तथा अन्य सामग्री जब्त की। पुलिस ने बताया कि विनोद वर्मा पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

विनोद वर्मा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के संबंधी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पंडरी इलाके में रहने वाले प्रकाश बजाज नाम के एक शख्स को फोन पर ब्लैकमेल कर धमकी दी गई थी। उसे कहा गया कि मंत्री की सीडी है। यह शख्स मंत्री का करीबी बताया जाता है। इस मामले में पंडरी थाने में एक FIR दर्ज कराई गई और SP अजातशत्रु के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया। इस मामले में पहले एक दुकान पर छापा मारा गया जहां CD तैयार करायी गयी थी। वहां पुलिस को करीब 1000 सीडी की कॉपी मिलीं, साथ ही वीडियो भी बरामद हुआ जिस से ये सीडी बनाई गई थी।

विनोद वर्मा का कहना है कि उनके पास छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री राजेश मूणत की सेक्स सीडी है इसलिए सरकार उन्हें फंसा रही है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण मंत्री मंत्री राजेश मूणत ने विनोद वर्मा के दावों को खारिज किया है। मूणत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए सीडी के बारे में जानकारी मिली और सीडी पूरी तरह फर्जी है। मंत्री ने कहा कि जिस भी एजेंसी से जांच करानी हो जांच हो जाए, वह जांच के लिए तैयार हैं।

विनोद वर्मा के समर्थन में पत्रकारों ने सरकार पर एक तरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा घटना भी लगातार प्रेस की आजादी पर घटनाओं में से एक हैं। और इस तरह पत्रकारों को डराने की कोशिश की जा रही है।

मुख्य संवाददाता
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