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देश की सुरक्षा और सम्मान मजबूत व सुरक्षित हाथों में नहीं- मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पूरा देश महसूस कर रहा है कि देश की सुरक्षा व सम्मान मज़बूत हाथों में नहीं हैं, इसलिए देश को दीर्घकालीन मजबूत विश्वसनीय नीति बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी बीजेपी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद राजनीति नहीं करनी चाहिए थी. 

देश की 130 करोड़ चिन्तित जनता ने देखा कि बीजेपी उस समय में भी अपनी संकीर्ण राजनीति करने से बाज़ नहीं आई और लोगों को यह महसूस भी हुआ कि देश की सुरक्षा और सम्मान मजबूत व सुरक्षित हाथों में नहीं है.

जम्मू-कश्मीर में आए दिन आतंकी घटनाओं व जवानों की शहादत को लेकर पूरा देश बहुत ज्यादा चिन्तित व दुःखी है लेकिन इसकी आड़ में बीजेपी व खासकर पीएम श्री मोदी जिस प्रकार से अपनी सरकार की कमियों व विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिशों में लगे हैं वह आम जनता से छिपा नहीं है.

मायावती ने पार्टी ने कार्यकर्ताओं से शहीदों के परिवारों का यथासंभव दुःख-दर्द बांटते रहने का प्रयास करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर यही देखा गया है कि सरकारें केवल रस्म अदायगी करती हैं और समय बीतने के साथ-साथ उन्हें उनके हाल पर बेसहारा ही छोड़ दिया जाता है. उनसे किए गए वायदों को सरकार को यथाशीघ्र निभाना चाहिए.

मायावती ने कहा कि देश को अपनी रक्षा, सुरक्षा व सम्मान के मामले में पूरी मुस्तैदी के साथ ठोस तैयारी करने की बड़ी जरूरत है ताकि कोई भी देश ना तो भारत की अनदेखी कर सके और ना ही कभी आंख दिखाने की हिम्मत ही कर सके.

मायावती ने सपा-बसपा के लोगों से अपील की कि वे छोटे-मोटे सभी आपसी गिले-शिकवे और मतभेद आदि को भुलाकर हर हाल में जबर्दस्त तौर पर इस गठबंधन को कामयाब बनाने के लिये पूरी लगन से काम करें क्योंकि व्यापक जनहित व देशहित में तथा संविधान की रक्षा के लिये भी बीजेपी की जनविरोधी और अहंकारी सरकार को केन्द्र की सत्ता से हटाना बहुत जरुरी है.

उन्होंने कहा कि जनता बीजेपी की सरकार से राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ की तरह ही मुक्ति चाहती है और उत्तर प्रदेश में बीजेपी को हराकर जनता के इस लक्ष्य की पूर्ति भलीभांति हो सकती है. उन्होंने कहा कि बसपा-सपा गठबंधन ही उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने में सक्षम है.

मुख्य संवाददाता
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