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साझी विरासत बचाओ सम्मेलन में फिर एकजुट हुआ विपक्ष

इंदौर, 30 अगस्त 2017- बिहार में नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन से बाहर निकलकर भाजपा के साथ सरकार बनाने से आहत जेडीयू नेता  शरद यादव की अगुवाई में दूसरी बार इंदौर में ''साझी विरासत बचाओ सम्मेलन'' आयोजित किया गया, जिसमें सभी विपक्षी दल एक मंच पर दिखे।
    
शरद यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'इस बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक देश को टुकडों में बांटने की कोशिश की जा रही। हजारों साल की साझा विरासत खतरे में है।'  उन्होंने पिछले दिनों गोमांस ले जाने के संदेह में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, 'सरकार का फर्ज है कि वह कमजोर तबकों की रक्षा करे और इन वर्गों पर जुल्म ढाने वालों को सख्त से सख्त सजा दिलाए।' 
   
शरद यादव ने उन्होंने कहा, 'मैं पीएम नरेंद्र मोदी के इस बयान का स्वागत करता हूं कि देश में आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन इसके बाद भी आस्था के नाम पर हिंसा होती है, तो मुझे बड़ी तकलीफ होती है।'  

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि गांधीजी की ह्त्या करने वाली विचारधारा विविधता में एकता को खंडित कर रही है। ऐसे में सबको एकजुट होना होगा, साझी विरासत का ये आंदोलन अब रुकना नहीं चाहिए। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि हमारे सामने चुनाव मुद्दा नहीं है मुद्दा ये है कि साझी विरासत रहेगी या नहीं। सम्मेलन को माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी.राजा और राकांपा के तारिक अनवर  ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कहा कि हमारे सामने चुनाव मुद्दा नहीं है मुद्दा ये है कि साझी विरासत रहेगी या नहीं।

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