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बिहार उपचुनाव- अररिया-जहानाबाद में राजद की जीत, भभुआ में बची बीजेपी की इज्जत

उत्तरप्रदेश के साथ-साथ  बिहार में भी बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। मो. तस्‍लीमुद्दीन के निधन के बाद खाली हई अररिया लोकसभा सीट पर राजद से उनके पुत्र मो. सरफराज आलम ने बड़ी जीत हासिल की।  उधर, राजद विधायक मुंद्रिका प्रसाद यादव के निधन से रिक्‍त जहानाबाद विधानसभा सीट पर उनके पुत्र व राजद प्रत्‍याशी सुदय यादव विजयी रहे। भभुआ में भाजपा विधायक आनंद भूषण पांडेय की मृत्‍यु से रिक्‍त सीट पर भाजपा से उनकी पत्‍नी रिंकी रानी की जीत हुई है।

बिहार में बीते साल सत्ता समीकरण में बदलाव के बाद यह पहला चुनाव था। इसकी अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, लालू प्रसाद यादव के पुत्र व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार के खिलाफ विद्रोह का झंडा थामे शरद यादव एवं महागठबंधन में लालू प्रसाद के नए सहयोगी व पूर्व मुख्यवमंत्री जीतनराम मांझी सहित दोनों तरफ के अनेक बड़े नेताओं ने प्रचार किया। खासकर अररिया व जहानाबाद सीटों पर सभी की नजर रही।

अररिया लोकसभा सीट 'सीमांचल के गांधी' उपनाम से प्रसिद्ध रहे राजद के मो. तस्लीमुद्दीन की मृत्यु के बाद रिक्त हुई थी। वहां उनके बेटे व राजद प्रत्‍याशी सरफराज आलम ने भाजपा से राजग प्रत्याशी प्रदीप सिंह को करीब 61615 मतों से हराया। बीते लोकसभा चुनाव (2014) के दौरान भाजपा की लहर में भी यहां राजद के मो. मस्लींमुद्दीन ने जीत दर्ज की थी। भाजपा इस उपचुनाव में उस हार की भरपाई करना चाहती थी। उधर, राजद यह बताने की कोशिश में थी कि लालू प्रसाद यादव के जेल में रहने के बावजूद पार्टी उनके बेटे तेजस्वी  यादव के नेतृत्व  में  मजबूत है। अंतत: सरफराज ने जीत दर्ज कर यहां तेजस्‍वी के बढ़ते कद व राजद की मजबूत उपस्थिति को प्रमाणित कर दिया।

जहानाबाद सीट पर महागठबंधन के प्रत्याशी कुमार कृष्णमोहन उर्फ सुदय यादव ने अपने दिवंगत पिता मुंद्रिका सिंह यादव की जीत का भी रिकार्ड तोड़ दिया। मुंद्रिका सिंह यादव 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर चुनाव जीते थे। तब जदयू भी महागठबंधन का हिस्‍सा था। लेकिन, इस उपचुनाव में जदयू ने राजग के घटक के रूप में अभिराम शर्मा को प्रत्‍याशी बनाया था। सुदय यादव ने अभिराम शर्मा को 41206 वोटों से हराया। भभुआ सीट पर दिवंगत भाजपा विधायक आनंद भूषण पांडेय की पत्‍नी व भाजपा प्रत्‍याशी रिंकी रानी विजयी रहीं। 

बिहार के इस उपचुनाव के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला में सजा पाकर रांची के जेल में हैं। ऐसे में राजद के भविष्‍य व पार्टी में नेतृत्‍व संकट को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। लालू के जेल जाने के बाद पार्टी के भी कुछ नेताओं ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप में तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। लेकिन तेजस्वी  ने महागठबंधन से ये साबित किया कि वे बड़े फैसले ले सकते हैं। और भविष्य की राजनीति को प्रभावित करने का दम रखते हैं। जीत के बाद खुशी जाहिर करते हए तेजस्वी यादव ने कहा, “जो कहते हैं लालू जी खत्म हो गए हैं। आज हम उन्हें कह सकते हैं कि वह एक विचारधारा हैं। बिहार की जनता को इस जीत के लिए धन्यवाद। मांझी जी को भी शुक्रिया।”

मुख्य संवाददाता
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