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बाबा साहब की मूर्ति का अपमान, विरोध जताने पर पुलिस ने दलितों व महिलाओं पर किया लाठीचार्ज

जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के काशीखेड़ा गांव में कुछ असामाजिक तत्वों ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान किया, और गले में जूते और कंडों की माला डाल दी। गुस्साए लोगों ने हाइवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने किया लाठीचार्ज। 

रविवार को सुबह काशीखेड़ा गांव में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति पर कंडों और जूतों की माला देख दलित समुदाय के लोग भड़क उठे। खबर फैलते ही अन्य गांवों के दलित भी बड़ी संख्या में घटना स्थल पर इकट्ठा हो गए। शिकायत के बाद कोतवाल संजय गुप्ता मौके पर पहुंचे। दलितों का आरोप है कि गांव के ही कोटेदार कल्लू यादव और उनके रिश्तेदार मनीष व एक अन्य ने प्रतिमा को अपमानित किया है। जब संजय गुप्ता आरोपियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रहे थे तो गांव वालों ने डीएम डॉ. मन्नान अख्तर को मौके पर बुलाने की मांग की।

थोड़ी देर बाद घटना स्थल पर सीओ सुबोध गौतम और एसडीएम सतीश चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन गांव वालों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच कुछ सिपाही जबरन प्रतिमा पर पड़ी माला उतारने लगे। जबकि दलित समुदाय डीएम को बुलाने की मांग कर रहा था। लेकिन पुलिस गांव वालों और महिलाओँ से धक्कामुक्की करने लगी, और गांव वालों पर लाठीचार्ज कर दिया। जिससे गुस्साए गांव वालों ने पथराव कर दिया।

संघर्ष के दौरान चार पुलिस वालों को चोटें आईं,  और करीब 15 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें महिलाएँ भी शामिल हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने गांव से लगे कदौरा हाईवे मार्ग पर भी जाम लगा दिया। तनाव बढ़ता देख आसपास के थानों की फोर्स को भी मौके पर बुला लिया गया। और जाम खुलवाया गया।

एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने जानकारी दी कि रविंद्र कुमार समेत 20-25 लोगों के हस्ताक्षर युक्त तहरीर के आधार पर आरोपी कोटेदार कल्लू यादव और उसके रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट, पथराव, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। जिसमें 10-15 ग्रामीणों को मौके से हिरासत में लिया गया है। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।  

मुख्य संवाददाता
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