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चंद्रशेखर 'रावण' की रासुका अवधि बढ़ाई गई, भीम आर्मी देशभर में करेगी आंदोलन

उत्तर प्रदेश- भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद रावण पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। 23 जनवरी को जारी उत्तर प्रदेश सरकार के उपसचिव (गृह) विजय शंकर पांडेय द्वारा एक आदेश में कहा गया है कि चंद्रशेखर पर रासुका दोबारा लगा दिया गया है। आदेश पत्र में कहा गया है कि मुज़फ़्फ़रनगर के ज़िला मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 की धारा 12(1) को दोबारा लागू कर दिया गया जो अब 6 महीने की है। अब उन पर लगी रासूका 2 नवंबर, 2017 से लागू माना जाएगा।


राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 के तहत किसी व्यक्ति को पहले तीन महीने के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। फिर आवश्यकतानुसार तीन-तीन महीने के लिए गिरफ्तारी की अवधि बढ़ाई जा सकती है। एक बार में तीन महीने से अधिक की अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती है।

भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कल्याण सिंह ने सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए जानकारी दी कि अब भीम आर्मी पूरे देश में कर्मिक अनशन का रास्ता अपनाएगी और आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बीजेपी सरकार चंद्रशेखर की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई है, इसीलिए चंद्रशेखर को जेल से बाहर निकलने नहीं देना चाहती है। 

भीम आर्मी प्रवक्ता कल्याण सिंह जी ने बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सभी 27 मामलों में चंद्रशेखर को जमानत मिल चुकी है लेकिन रासुका के जरिए जबरन जेल में रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि हम बार-बार चेता रहे हैं कि चंद्रशेखर की जान को खतरा है और एक षड़यंत्र के तहत चंद्रशेखर को जेल में रखा गया है। लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हम लोगों से और युवाओं से अपील करते हैं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में भीम आर्मी से जुड़़ें और चंद्रशेखर को जेल से बाहर निकालने की मुहिम में जुड़ें।

गौरतलब है कि बीते साल मई 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में ठाकुर समुदाय ने हिंसा और आगजनी की थी जिसके खिलाफ भीम आर्मी ने विरोध प्रदर्शन किया था, और चंद्रशेखर का नाम उभर कर सामने आया था। दो नवंबर, 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंद्रशेखर उर्फ रावण को जमानत दे दी थी, लेकिन उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने रासुका लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

मुख्य संवाददाता
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