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दिल्ली विश्वविद्यालय- उच्च शिक्षा में धांधली के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन

नई दिल्ली- 28 अगस्त 2017, एसस, एसटी और ओबीसी छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा में दाखिलों में हो रही आरक्षण में धांधली के विरोध में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीयू में खुलेआम संविधान का मज़ाक बनाया जा रहा है और पिछले कुछ वर्षों से एम.फ़िल./पीएच.डी. प्रवेश-प्रक्रिया में आरक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया जा रहा है। जिसके खिलाफ़ अभ्यर्थियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय वीसी और हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मांग की है कि हिंदी विभाग द्वारा लिखित परीक्षा सूची को निरस्त किया जाय और संवैधानिक आरक्षण प्रक्रिया का पालन करके दाखिले किए जाएं।  हिंदी विभाग में एम.फ़िल./पीएच.डी. प्रवेश की लिखित परीक्षा की जो परिणाम सूची जारी की गई है। इस सूची में अनारक्षित श्रेणी की 50% सीटें सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित कर दी गईं, जो असंवैधानिक है। आरक्षित श्रेणी के जो अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी की मेरिट कटऑफ में सफल हुए, उन्हें अनारक्षित श्रेणी में शामिल न करके आरक्षित श्रेणी में ही शामिल किया गया। जिससे अनारक्षित श्रेणी की कटऑफ़ 263 तक चली गई है. और ओबीसी की कटऑफ़ इससे बहुत ऊपर 290 तक चली गई है ? अफ्रीकन स्टडीज़ विभाग में अभी पीएचडी में कुल 15 सीटों में से 10 सीटों पर सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रवेश दिया गया है। दर्शनशास्त्र विभाग में भी 23 सफल अभ्यर्थियों में एससी, एसटी, ओबीसी अभ्यर्थियों को नियमों के तहत सीट नहीं दी गईं है। जबकि नियम के तहत यहाँ आरक्षित वर्ग की और सीटें होनी चाहिए थीं। भौतिकी विभाग की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम सूची जारी हो चुकी है लेकिन यहां भी आरक्षित सीटें पूरी नहीं भरी गई हैं।

साथ ही अनारक्षित संवर्ग में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को ही प्रवेश दिया गया और आरक्षित संवर्ग की कई सीटें ‘नॉन फाइंड सुटेबल (NFS) कर दी गई हैं। भूगर्भशास्त्र विभाग में एम.फ़िल./ पीएच.डी के साक्षात्कार के लिए बुलाए गए अभ्यर्थियों में पहली रैंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को उसके आरक्षित श्रेणी में ही साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। जबकि मेरिट के आधार पर अनारक्षित श्रेणी में आने वाले अभ्यर्थी को अनारक्षित वर्ग में ही बुलाया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से उच्च श्रेणी में दाखिलों को लकेर दिल्ली विश्वविद्यालय पर आरक्षण में धांधली के आरोप लग रहे हैं, लेकिन अब लोगों ने इसके खिलाफ एकजुट होना शुरू कर दिया है, विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सैकड़ों छात्र व शिक्षक ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे व्यापक स्तर पर आन्दोलन करेंगे।

मुख्य संवाददाता
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