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सुप्रीम कोर्ट का काम कानून की व्याख्या करना है कानून बनाना नहीं- अशोक भारती

नई दिल्ली- 20 मार्च को एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के विरोध में बहुजन नेता अशोक भारती के आह्वान पर  आज जन सम्मान पार्टी के बैनर तले देशभर के दलित और आदिवासी संगठनों नेेेे संसद मार्ग पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर अशोक भारती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का काम कानूनों की व्याख्या करना है कानून बनाना नहीं है, कानून बनाना पार्लियामेंट की जिम्मेदारी है इसलिए हम पार्लियामेंट से निवेदन करते हैं कि भारत की पूरी न्याय व्यवस्था मूल्यांकन किया जाना चाहिए। 

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जजों के फैसले को पूर्वाग्रह पर आधारित बताया और कहा कि ये फैसला कई मामलों में स्थापित न्याय प्रक्रिया का उल्लंघन है, स्थापित न्याय व्यवस्था कहती है कि यदि किसी फैसले से किसी व्यक्ति या तबके पर कुछ फर्क पड़ता है या किसी भी तरह से उसके अधिकार प्रभावित होते हैं तो सबसे पहले उस व्यक्ति या उस तबके को सुना जाना चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इन दो जजों ने 30 करोड़ दलित और आदिवासियों के हकों के खिलाफ जजमेंट दे दिया लेकिन इन तबकों से जुड़े किसी सामाजिक संगठन या अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग तक को बुलाना मुनासिब समझा। 

उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़े भी देख लिए होते तो इन जजों को ये पता चल जाता कि जिस आधार पर उन्होंने ये फैसला दिया है वो तथ्यों से काफी दूर हैं। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि अनुसूचित जाति, जनजाति से जुड़े करीब एक करोड़ से ज्यादा मुकदमें लंबित पड़े हैं जिनमें पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया है। 

इस मौके पर अशोक भारती ने जानकारी दी कि सबसे पहले हम ये ऐलान करना चाहते हैं कि ये फैसला दलित-आदिवासियों के अधिकारों पर हमला है, और न्याय प्रणाली का इस्तेमाल करके दलित, आदिवासियों के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है जिसके खिलाफ आज से एक जन आंदोलन की शुरुआत हो रही है। हमने देशभर के सामाजिक संगठनों, सभी राजनीतिक पार्टियों से चाहे वो कांग्रेस हो, बीजेपी हो, बसपा हो सपा हो सभी से निवेदन किया है कि जिस तरह सरकार सु्प्रीम कोर्ट से मिलकर हमले करवा रही है उस हमले के खिलाफ संसद को कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने जानकारी दी कि कल पूरा भारत बंद रहेगा और हम पूरे देश में चक्का जाम करेंगे। और सभी राज्यों में जहां पर भी जिस तरह परिस्थिति रहेगी हम उसकी जानकारी शाम पांच बजे प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस करके देंगे। उन्होंने देशभर के संगठनों, संवेदनशील लोगों, और सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि देश के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत बंद को सफल बनाएं।      


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