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गाज़ियाबाद में प्रशासन और पुलिस ने कोर्ट परिसर से हटाई डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा, वकीलों और दलित समाज में रोष

बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद हुआ है। मामला यूपी के गाज़ियाबाद का है। यहां कचहरी परिसर में 31 दिसंबर को वकीलों द्वारा लगाई गई बाबा साहब की प्रतिमा को प्रशासन और पुलिस ने 1 जनवरी की रात में ही हटा दिया। पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर जिले के वकीलों और दलित समाज में बेहद नाराजगी है।

बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की इसी प्रतिमा को हटाया गया

गाजियाबाद में कचहरी परिसर 1 जनवरी की रात से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया। यहां बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर वकील और पुलिस-प्रशासन आमने-सामने है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले के वकीलों ने बार एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट होकर 31 दिसंबर को बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की थी।



एडवोकेट उमंग खरखोदिया जी ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी की रात को करीब 1.30 बजे पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भारी संख्या में फोर्स के साथ तीन जेसीबी मशीन के साथ कोर्ट परिसर पहुंच गए और वकीलों द्वारा लगाई गई बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर की प्रतिमा को वहां से हटा दिया। और मौजूद वकीलों के साथ पलिस ने मारपीट की और लाठीचार्ज भी किया।

उन्होंने बताया कि प्रमिता लगाने को लेकर जिले के वकीलों में किसी तरह का कोई विरोध नहीं है, बार एसोसिएशन की ओर से पिछले साल 14 अप्रैल को एक प्रस्ताव बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति लगाए जाने को लेकर पास किया गया था, जिसके बाद फंड इकट्ठा करके राजस्थान के जयपुर से बाबा साहब की मूर्ति ढ़ाई लाख रुपये में लाया गया। 

 
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि बार एसोसिशन से जुड़े वकीलों ने प्रतिमा बिना अनुमति के लगाई थी। प्रशासन का कहना है कि तनावपूर्ण हालात को देखते हुए ये प्रतिमा वहां से हटाई गई है। इस मामले में जिलाधिकारी की तरफ से 22 नामजद और 100 से ज़्यादा अज्ञात वकीलों के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।  

बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा हटाने को लेकर दलित समाज भी बेहद गुस्से में है। यहां दलित समाज के लोगों और युवा शक्ति दल समेत कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में कचहरी पहुंच कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि जबतक बाबा साहब की प्रतिमा को दोबारा वहीं स्थापित नहीं किया जाता तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। 

फिलहाल कचहरी परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मौके पर पर कई प्रशासनिक अधिकारी और सात थानों की पुलिस  तैनात है। इसके अलावा आसपास के जिलों नोएडा और हापुड़ से भी पुलिस बल को बुलाया गया है।

मुख्य संवाददाता
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