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करीब डेढ़ घंटा बोले मोदी, लेकिन नहीं दे पाए देश को संतुष्ट करने वाले जवाब

मोदी सरकार के खिलाफ लाए गये अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता और विपक्षा में करीब 12 घंटे की लंबी बहस चली। मोदी करीब डेढ़ घंटे बोले लेकिन उन सवालों में से एक का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए जिनका जवाब हर भारतवासी जानना चाहता है। जो उससे सीधा जुड़ा है। कुछ सवाल हर भारतवासी के ज़हन में पल रहे हैं और उनका जवाब वो चाहता हैं, राहुल गांधी के तीखे सवालों के बाद ऐसा लग रहा था कि शायद आज कुछ जवाब उनको मिल जाएं लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इतने लंबे भाषण के दौरान पूरे समय प्रधानमंत्री के निशाने पर सिर्फ राहुल गांधी और गांधी-नेहरू परिवार ही रहा।   

रोजगार :-
हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात पर वो ये तो नहीं बता बाए कि पिछले चार सालों में वे आठ करोड़ युवाओं को रोजगार क्यों मुहैया नहीं करवा पाए। घुमा-फिराकर सिर्फ इतना कह पाए कि सरकार के सभी क्षेत्रों का कुल मिलाकर आंकड़ा देखा जाए तो केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में एक करोड़ लोगों को रोजगार दिया है। हर भारतवासी के बैंक खाते में 15 लाख रुपए आने की बात को वो गोल कर गए। और कुछ कहते नहीं बना।

किसान, दलित और अल्पसंख्यक :-
जब राहुल गांधी ने उनसे जवाब मांगा कि दलित, किसान, आदिवासी अल्पसंख्यकों कर्ज में डूबे हैं जो माफ होना चाहिए था लेकिन आप करोड़पतियों के कर्जे माफ कर रहे हैं तो मोदी ने कहा कि सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए काम कर रही है।  देशभर में 15 करोड़ किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया गया है, जनधन योजना के तहत 32 करोड़ बैंक खाते खोले गए और उज्‍जवला योजना के तहत 4.5 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया।"

जीएसटी और अमीर दोस्तों की मदद :- 
पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने छोटे दुकानदार और व्यापारियों को बर्बाद कर देने। जियो के विज्ञापन पर प्रधानमंत्री का फोटो का क्या मतलब है, प्रधानमंत्री अपने अमीर मित्रों की मदद करते हैं। 10-20 बिजनेसमैन हैं जिनके लिए वो काम करते हैं। गरीबों-मजदूरों के लिए इनके दिल में कोई जगह नहीं है, इनमें से एक भी आरोप का वे संसद पटल पर जवाब नहीं दे सके।

राफेल डील :-
राफेल हवाई जहाज की कीमत 520 करोड़ रुपये प्रति हवाई जहाज से बढ़कर 1600 करोड़ रुपये कैसे हो गई, इस आरोप पर भी मोदी सीधा जवाब नहीं दे पाए। उल्टा पिछली सरकारों को ही कठघरे में खड़ा कर दिया और कहा कि कांग्रेस झूठ को सच बनाने की कोशिश कर रही है। और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर गलत बयानबाजी कर रही है। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।


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