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बुलेट ट्रेन का शिलान्यास, आबे ने कहा जापान के "JA" और इंडिया के "I" से बनता है "जय" मतलब विजय

अहमदाबाद- गुरूवार को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और पीएम मोदी ने देश की पहली बुलेट ट्रेन का शिलान्यास कर दिया है। अहमदाबाद में हुए एक भव्य कार्यक्रम में दोनों ने रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जापान के पीएम शिंजो आबे ने जय जापान-जय इंडिया का नारा देते हुए कहा कि जापान के JA और इंडिया के I को जोड़कर जय होता है, मतलब विजय। मैं उम्मीद करता हूं कि अगली बार जब में अहमदाबाद आऊं तो बुलेट ट्रेन में मोदी के साथ सवार होकर आऊं और उसकी खिड़की से यहां की संस्कृति और खूबसूरती देखूं।

उन्होंने कहा कि आज इस मौके पर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं है। आबे ने हिंदी में नमस्कार कहते हुए अपने भाषण की शुरुआती की और कहा कि पीएम मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं और उन्हे मेक इंन इंडिया के अलावा न्यू इंडिया विजन का हम समर्थन करते हैं। जापान मेक इन इंडिया को मजबूत करने के लिए तैयार है। अगर हम साथ मिलकर काम करें तो कुछ भी असंभव नहीं है।

शिलान्यास के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गुजराती में शुरूआत करते हए, शिंजो आबे को धन्यवाद दिया और कहा कि आबे ने खुद इस प्रोजेक्ट में रूचि लेकर इस बात को आश्वस्त किया कि इसमे कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास में यातायात के साधन बेहद महत्व रखते हैं। और इससे आऩे वाली पीढ़ियों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे।  

मोदी ने जापान के पीएम की तारीफ करते हुए कहा कि अगर कोई कहे कि आप लोन ले लो और 50 साल में देना तो यह भरोसे लायक नहीं लगता लेकिन जापान ऐसा देश है जिसने 88,000 करोड़ का लोन महज 0.1 प्रतिशत के ब्याज पर दिया है। पीएम ने कहा कि अगर तकनीक का उपयोग गरीबी से लड़ने के लिए किया जाए तो हम इसे खत्म कर सकते हैं।
    
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि बुलेट ट्रेन भारत और जापान के लोगों के भाईचारे की मिसाल होगी। एक समय था जब महात्मा गांधी को ट्रेन से निकाला गया था और आज उसी गंधी की धरती पर बुलेट ट्रेन की नींव रखी जा रही है। जब देश में राजधानी एक्सप्रेस लाई गई तो लोगों ने इसकी आलोचना की थी लेकिन आज हर कोई इसमें सफर करना चाहता है। वहीं कार्यक्रम में शिरकत करने आए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बुलेट ट्रेन की आधारशीला रखते हुए हम न्यू इंडिया की आधारशीला रख रहे हैं।
   
शिलान्यास के साथ ही भारतीय रेलवे में ना सिर्फ एक नया अध्याय जुड़ गया बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। यह प्रोजेक्ट 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पूरा होते ही अमहदाबाद से मुंबई के बीच की दूर 6 घंटे कम हो जाएगी। गोयल के अनुसार वैसे तो परियोजना को 2023 में पूरा होना है। लेकिन भारतीय इंजीनियरों की कार्यकुशलता को देखते हुए मुझे भरोसा है कि हम इसे 2022 में ही पूरा करने में कामयाब हो जाएंगे।
   
जापान ने भारत के संजीव सिन्हा को बुलेट ट्रेन परियोजना का सलाहकार बनाया है। संजीव राजस्थान के रहने वाले हैं और पिछले 20 साल से जापान में रह रहे हैं। अपनी नियुक्ति के बाद सिन्हा ने कहा, "मैं दो सरकारों के बीच सेतु का काम करूंगा। यह महत्वपूर्ण मगर काफी उलझाने वाली है। राजनीतिक इच्छा को जमीन पर उतारने में बहुत कुछ लगता है।"

बुलेट ट्रेन से जुड़ी कुछ ख़ास बातें :- 
- अहमदाबाद से मुंबई के बीच 508 किमी का रेल ट्रैक
- लागत एक लाख आठ हजार करोड़ रुपये
- भारत को 88 हजार करोड़ रुपये 0.1 प्रतिशत ब्याज दर पर देगा जापान
- सफर की अवधि 8.0 घंटे से घटकर रह जाएगी 2.30 घंटे
- अहमदाबाद से मुंबई तक होंगे 12 स्टेशन
- रेलवे ट्रैक ब्रिज पर बनेगा, सिर्फ 12 किमी ट्रैक जमीन पर और 21 किमी समुद्र में 70 मीटर गहरी टनल में होगा।
- 2022 तक चलने की उम्मीद, हर साल करीब डेढ़ करोड़ यात्री करेंगे सफर  

मुख्य संवाददाता
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