img

एक दशक के बाद भारत ने ऑस्कर में लहराया परचम, हापुड़ की लड़कियों पर बनी फिल्म "पीरियड: एंड ऑफ सेंटेंस" ने जीता पुरस्कार

भारत के ग्रामीण क्षेत्र में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और पैड की अनुपलब्धता को लेकर बनी इस शॉर्ट फिल्म 'पीरियड : द एंड ऑफ सेंटेंस' को 'डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट' श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है। इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन रायका जेहताबची ने किया है और इसे भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की 'सिखिया एंटरटेनमेंट' ने प्रोड्यूस किया है। यह डॉक्यूमेंट्री 'ऑकवुड स्कूल इन लॉस एंजिलिस' के छात्रों और उनकी शिक्षक मिलिसा बर्टन द्वारा शुरू किए गए 'द पैड प्रोजेक्ट' का हिस्सा है।

Image result for
26 मिनट की इस फिल्म में माहवारी के दिनों में होने वाली हर समस्या को दर्शाया गया है, फिल्म में बताया गया है कि पैड न होने के कारण लड़कियां स्कूल तक नहीं जा पाती हैं। लेकिन किसी भी हाल में अपनी परेशानी का जिक्र नहीं करतीं, जहां से बात शुरू होनी चाहिए, वहीं पर दब जाती है, आंखों और जुबान पर सिर्फ शर्म और झिझक होती है। लड़कियां हों, महिलाएं हों या फिर बुजुर्ग औरतें, खुद अपनी परेशानी बताने के लिए जैसे उनके पास शब्द ही नहीं थे। समस्या की गंभीरता को देखते हुए एनजीओ एक्शन इंडिया की कोर्डिनेटर सुलेखा सिंह गांव में बातचीत की कोशिश करती हैं। जिसके बाद महिलाएं जान पाती हैं कि घर के गंदे कपड़े के अलावा पैड भी कुछ होता है, जिससे उनके जीवन और स्वास्थ्य को खतरा नहीं होता है। सुलेखा सिंह से प्रभावित होकर स्नेहा अपनी भाभी को जोड़ती है और वे दोनों मिलकर गांव में घूम-घूमकर माहवारी के दिनों में होने वाली परेशानियों के प्रति जागरूक करती हैं। 

Image result for
इसके बाद एक्शन इंडिया की पहल पर गांव में पैड बनाने वाली मशीन लगाती है, जिसमें सुमन और स्नेहा आगे बढ़कर इस बारे में महिलाओं को जागरुक करने के साथ-साथ खुद भी पैड बनाने का फैसला करती हैं। लेकिन गांव के रूढ़िवादी लोग इस पर आपत्ति उठाते हैं और अड़चनें पैदा करते हैं। हालांकि, महिलाएं पीछे नहीं हटतीं और डटकर इसका सामना करती हैं। उनके इस पैड प्रॉजेक्ट को विदेश से भी सहायता मिलती है। वह अपने सैनिटरी नैपकिन को 'FLY' नाम देती हैं जिसका मतलब होता है उड़ना। इस नाम को देने के पीछे की वजह लड़कियों की मासिक धर्म से होने वाली परेशानियों से आजादी होती है।

Image result for
फिल्म "पीरियड: एंड ऑफ सेंटेंस" का ऑस्कर में बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट कैटिगरी अवॉर्ड के लिए 'ब्लैक शीप', 'एंड गेम', 'लाइफबोट' और 'अ नाइट ऐट दी गार्डन' फिल्मों से मुकाबला था। आपको जानकारी दे दें कि भारत के लिए ऑस्कर का यह क्षण एक दशक के बाद आया है। इससे पहले ए आर रहमान और साउंड इंजीनियर रसूल पोकुट्टी को 'स्लमडॉग मिलेनियर' के लिए 2009 में अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। 

मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े