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जात को लगाओ आग, तभी बनेगा असली भारत- शरद यादव

नई दिल्ली, 14 मई 2017, दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में अनुसूचित जाति/जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय महासंघ ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 126वीं जयंती का जश्न मनाया और द्वितीय इंटरनेशनल दलित कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें देश के कोने कोने से लोगों ने भारी संख्या में शिरकत की,विदेशों से भी लोग कांफ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे।   इस दौरान अतिथिगणों ने अपने जोशीले भाषणों से लोगों में जोश भर दिया, जिनमें जेडीयू नेता व राज्य सभा सांसद शरद यादव ने अपने लंबे भाषण में लगातार बहुजनों को एक होने पर जोर दिया, उनका कहना था कि जिस दिन ये 80 फीसदी आबादी एक हो जाएगी उस दिन ना सिर्फ् हिंदुस्तान की तस्वीर बदल जाएगी बल्कि सारी दुनिया में भारत के सामने कोई खड़ा नही हो पाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने हमें बैलट यानि वोट की बहुत बड़ी ताकत दी है लेकिन मनुवादी पाखंडियों ने हमें षड़यंत्र के तहत खंड खंड करके रखा है और जिस दिन ये लोग ये अपनी एकता की ताकत समझ जाएंगे इन्हें आगे बढ़ने से कोई नही रोक  पाएगा। पूरी दुनिया में कहीं पर भी जातिवाद नहीं है, पश्चिम में भी काले गोरे का फर्क खत्म हो गया है, लेकिन भारत में जातिवाद को खत्म होने नही देना चाहते। उन्होंने कहा कि मैं पूरे देश में घूम रहा हूं क्योंकि दलित और पिछड़ा एक होना चाहिए, हिंदुस्तान का सबसे मूलवासी यानि आदिवासी सबसे ज्यादा दुखी है, हमें उस समाज को भी साथ लेकर चलना है, उसे भी जगाना है उसे भी बदलना है और साथ ही सत्ता पर भी कब्ज़ा करना है, हमें संपूर्ण राज लेना होगा सही मायने में तभी समाज बदलेगा, हमें अपने वोट को गोलबंद करना होगा। उन्होंने जस्टिस कर्णन और सहारनपुर हिंसा का भी ज़िक्र किया और भीम आर्मी का समर्थन करते हुए चंद्रेशखर की गिरफ्तारी की निंदा की, उन्होंने कहा कि जब हिंदु सेना चल सकती है तो भीम सेना क्यों नही चलेगी, जबकि ये 80 फीसदी लोग हैं, इसलिए चंद्रशेखर को छोड़ना होगा। रोहित वेमुला का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 70 साल की आज़ादी के बाद भी अगर कोई युवा ये कहता है कि "मेरा जन्म ही गुनाह है इसलिए इसे त्यागता हूं" तो ये देश के लिए शर्म की बात है और अगर एक युवा ऐसा सोचता है तो इसके बाद देश कितना भी तरक्की की राह पर बढ़ा हो ऐसी तरक्की और समाज के कोई मायने नही है। सांसद प्रदीप टम्टा ने भी जोर देते हुए कहा कि बहुजनों को एक करना होगा तभी समता समाज बनेगा। जानी मानी समाज सेविका व आईआरएस अधिकारी प्रीता हरित भी शामिल हुईं, उन्होंने कहा कि मैं एक मिशन लेकर चल रही हूं कि बाबा साहब को सिर्फ दलित समाज ही नही बल्कि दूसरे समाज के लोग भी माने और जय भीम बोले, जिसके लिए उन्होंने नारा दिया "हर घर भेदकर, घर घर अंबेडकर", उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने सिर्फ दलित समाज के लिए ही काम नही किया था बल्कि जात पात देखे बिना सबके लिए काम किया था, उन्होंने महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ी, जिसके कारण ना सिर्फ दलित समाज की बल्कि दूसरे समाज की महिलाओं को भी अधिकार मिले, ऐसे में ये जानकारी सब तक पहुंचाने की जरूरत है।  केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने भी कार्यक्रम में शिरकत की, जिनके माध्यम से परिसंघ ने भारत सरकार के लिए एक ज्ञापन दिया, अठावले ने भी ज्ञापन की सभी मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रधान महासचिव के.पी.चौधरी ने किया, अन्य पदाधिकारी जिनमें संरक्षक जे.आर, हरनोटिया, चेयरमैन ई.बी.एस.भारती व कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार भी मंच पर मौजूद रहे।  

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