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स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन के लिए आए ढेरों सुझाव और सवाल

30 जुलाई को अपने कार्यक्रम मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में करने के लिए लोगों से सुझाव मागे थे, उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त को मुझे लालकिले की प्राचीर से देश के साथ रूबरू होने का मौका मिलता है। मैं निमित मात्र हूं। यह एक व्यक्ति नहीं है जो वह भाषण देता है बल्कि यह देश के सवा सौ करोड़ लोगों की सामूहिक आवाज़ होती है जो लालकिले से प्रतिध्वनित होती है। इस पर लोगों का विशाल उत्साह सामने आया। हजारों की संख्या में लोगों ने मोदी जी से बहुत सारे सवाल किए लेकिन सबसे अहम सवालों में लोगों ने जानना चाहा कि जीएसटी से देश को क्या लाभ हुआ ? देश के सरकारी कार्यालय भ्रष्टाचार मुक्त क्यों नहीं हो पाए ? तेजी से बढ़ रही देश की जनसंख्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं ? स्किल डेवलपमेंट अभियान से देश को क्या फायदा हुआ ? स्वच्छता अभियान पर अरबों खर्च हुए लेकिन फिर भी स्वच्छता क्यों नहीं दिखती ? आप इतनी विदेश यात्राएं क्यों करते हैं, देशवासियों को बताएँ ? ऑक्सजीन के लिए भुगतान क्यों नहीं हुआ ? नोटबंदी से क्या फायदा हुआ ? अच्छे दिन कब आएंगे ? और जब पुराने वायदे ही पूरे नहीं हो सकें तो “न्यू इंडिया” में क्या करने वाले हैं ? अब देखना ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन सवालों में से कितनों के जवाब दे पाते हैं और कितने सवालों को अपने संबोधन में शामिल करते हैं।

मुख्य संवाददाता
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