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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का देश के नाम पहला संबोधन, न्यू इंडिया पर दिया जोर

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित अपने संदेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को स्वतंत्रता के 70 साल पूरे होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत का सपना, हमारे गांव, गरीब और देश के समग्र विकास का सपना था। इस मौके पर उन्होंने उन अनगितन स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जिनके हम सभी ऋणी है। उन्होंने देश के नाम अपने संदेश में कहा कि आजादी के लिए हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के ऋणी हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी कुर्बानियां दी थीं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने समाज और राष्ट्र के चरित्र निर्माण पर बल दिया था। गांधीजी ने जिन सिद्धांतों को अपनाने की बात कही थी, वे हमारे लिए आज भी प्रासंगिक हैं। देश को राह दिखाने वाले अनेक महापुरुषों और क्रांतिकारियों का हमें आशीर्वाद मिला। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा’ का आह्वान किया। नेहरू जी ने हमें सिखाया कि भारत की सदियों पुरानी विरासतें और परंपराएं आधुनिक समाज के निर्माण के प्रयासों में सहायक हो सकती हैं। सरदार पटेल ने हमें राष्ट्रीय एकता और अखंडता के महत्व के प्रति जागरूक किया। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने हमें संविधान के दायरे में रहकर काम करने तथा ‘कानून के शासन’ की अनिवार्यता के विषय में समझाया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि आज देश के लिए अपने जीवन का बलिदान कर देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का समय है। उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ लेने के लिए हर तबके तक पहुंचे इसके लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। भारत को स्वच्छ बनाना है इसके लिए देश को ‘खुले में शौच से मुक्त’ कराना हममें से हर एक की जिम्मेदारी है । विकास के नए अवसर पैदा करना, शिक्षा और सूचना की पहुंच बढ़ाना हममें से हर एक की जिम्मेदारी है। कानून का पालन करने वाले समाज का निर्माण करना हममें से हर एक की जिम्मेदारी है। न्यू इंडिया पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हमें 2022 के लिए तैयार रहना चाहिए।  उन्होंने मोदी सरकार की योजनाओँ की सराहना की। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जन धन योजना के साथ साथ जीएसटी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ये बड़ी खुशी की बात है कि सबने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया। स्वच्छ भारत अभियान को उन्होंने हर भारतवासी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सब्सिडी छोड़ने वालों को मैं नमन करता हूं, ऐसे परिवारों से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हमें 2022 में 75वीं वर्षगांठ बनानी है तो उसके लिए अभी से विज़न तैयार करना पड़ेगा।

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