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गोरखपुर- ऑक्सीजन की कमी के चलते 30 बच्चों की तड़प-तड़पकर मौत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में आईसीयू और इंसेफलाइटिस के मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड में आक्सीजन सप्लाई ठप्प होने से बीते तीन दिनों में 30 बच्चों की मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू और दूसरे वार्डों में गुरुवार रात 11.30 बजे से ही ऑक्सीजन सप्लाई गड़बड़ा गई थी, जो शुक्रवार सुबह 9 बजे तक बार-बार रुकती रही। कई घंटे तक लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई बीच-बीच में रुकते रहने से 30 जानें चली गईं। गोरखपुर के डीएम राजीव रौतेला 30 बच्चों की मौत की पुष्टि तो कर रहे हैं लेकिन इस बात से इंकार कर रहे हैं कि मौतें ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई है। पीडियाट्रिक/इंसेफेलाइटिस विभाग के हेड डॉ कफील खान का भी कहना है कि ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने से मौतें नहीं हुई हैं। कॉलेज प्रशासन भी सुर में सुर मिला रहा है और ऑक्सीजन की कमी को नकार रहा है। लेकिन कोई दूसरा कारण कोई नहीं बता पा रहा है।
शुक्रवार रात आठ बजे इंसेफलाइटिस वार्ड में आक्सीजन सिलेंडर से की जा रही सप्लाई रुकी तो इसे लिक्वड आक्सीजन से जोड़ा गया, जो 11 बजे खत्म हो गई। इसके बाद 1:30 तक सप्लाई ठप्प रही जिससे हाहाकर मच गया। रात 1.30 बजे सिलेंडर आक्सीजन की गाड़ी आई तो सप्लाई शुरु हुई लेकिन सुबह तक फिर ऑक्सीजन खत्म हो गई। दो दिन पहले से ही ऑक्सीजन के संकट की जानकारी अस्पताल को थी लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया और इस सारी लापरवाही ने 30 जानें ले ली।
ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स के अधिकारी दीपांकर शर्मा ने करीब 69 लाख रुपए बकाया होने पर आपूर्ति ठप्प करने की सूचना दो दिन पहले ही प्रिंसिपल को दे दी थी। गुरुवार को सेंटर पाइप लाइन ऑपरेटर ने प्रिंसिपल, एसआईसी, एचओडी एनेस्थिसिया, इंसेफेलाइटिस वार्ड के नोडल अधिकारी को पत्र के जरिए दोबारा लिक्विड ऑक्सीजन सप्लाई का स्टॉक बेहद कम होने की जानकारी दी थी। इन सब जानकारियों और ऑक्सीजन सप्लाई रूकने की बात पहले से पता चल जाने के बावजूद ऑक्सीजन पूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए किसी तरह के इंतज़ामात नहीं किए गए। जिसका नतीजा ये हुआ कि 30 मासूम जानें तड़प-तड़पकर मौत के मौत के मुंह में चली गईं।  

मुख्य संवाददाता
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