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हॉस्टल में आदिवासी छात्रा को नग्न करने का मामला, चार छात्राएं गिरफ्तार, महिला आयोग की टीम ने लिया जायज़ा

9 अगस्त 2017- झारखंड के दुमका में चोरी के आरोप में एक आदिवासी छात्रा के साथ मारपीट और उसकी नग्न फोटो वायरल करने के मामले में आज महिला आयोग ने पीड़िता से मुलाकात की बयान दर्ज किए। महिला आयोग ने पीड़िता से कुछ जाना कि किस-किस ने उसके साथ मारपीट की, किसने उसे नग्न किया और किसने तस्वीरें उतारकर उसे वायल किया? और पूरे मामले में पुलिस की क्या भूमिका रही। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कल्याणी शरण का कहना है कि पूरे मामले में वार्डन दोषी दिखती है। महिला आयोग की टीम ने छात्रावास का दौरा किया और पाया कि हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था की बहुत कमी है, हॉस्टल में सुरक्षा के मानक ही तय नहीं किए गए हैं। आदिवासी छात्रा के साथ मारपीट और उसकी नग्न फोटो वायरल करने के मामले में एसपी महिला कॉलेज की 4 आदिवासी छात्राओं अंजुला मुर्मू, सोनामुनी मुर्मू, बेबी बेसरा और भवानी सोरेन को पुलिस ने कल गिरफ्तार कर लिया था।
गौरतलब है के संथाल परगना एसपी महिला कॉलेज के छात्रावास में मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर छात्राओं ने पहले अपनी साथी छात्रा की जमकर पिटाई की फिर नग्‍न कर उसकी फोटो को वायरल कर दिया था। मोबाइल चोरी मामले पर छात्रावास में चार अगस्‍त को पंचायत बुलाई गई। पंचायत बुलानेवाली छात्राओं ने इस दौरान कुछ बाहरी छात्रों को भी महिला छात्रावास में बुलाया था। पंचायत ने जैसे ही उस छात्रा को दोषी ठहराया, वहां खड़ी दूसरी छात्राएं पीडि़ता पर टूट पड़ी। पहले उसकी जमकर पिटाई की गई, फिर जबरन उसे निर्वस्‍त्र कर दिया। इस दौरान कुछ छात्राओं ने उसकी नग्‍न तस्‍वीर ली और वीडियो भी बनाया। इसके बाद पंचायत ने फैसला सुनाया कि आरोपी छात्रा जुर्माने के तौर पर 18,600 रुपए जमा कराए, नहीं तो उसका नग्‍न वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। जिसके बाद पीड़िता ने अपने पिता को फोन करके पूरा मामला बताया, पीड़िता के पिता ने जुर्माने की रकम भरने के लिए थोड़ा समय मांगा था लेकिन इससे पहले ही पीड़िता की फोटो वायरल कर दी गईँ।  

मुख्य संवाददाता
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