img

बहुजन समाज को शिक्षा से दूर करने की साजिश- डॉ. कश्मीर सिंह

सामाजिक संगठन ‘पैगाम’ अपने आंदोलन और कार्य शैली के जरिये एक सार्थक दिशा की तरफ आगे बढ़ रहा है। देशभर में जगह-जगह गोष्ठियों, परिचर्चाओं का आयोजन कर बहुजन समाज को एकजुट होने का संदेश दे रहा है। अपने इसी अभियान के तहत पैगाम संगठन ने 10 दिसंबर को नोएडा में सांध्य सम्मेलन और ‘बहुजन आंदोलन की दशा और दिशा’ विषय पर एक परिचर्चा का सफल आयोजन किया। इंदिरा गांधी कला केंद्र में आयोजित सांध्य सम्मेलन और परिचर्चा में बहुजन समाज की गणमान्य हस्तियों ने शिरकत कर अपने-अपने विचार रखे। 


पैगाम संगठन की तरफ से आयोजित सांध्य सम्मेलन और परिचर्चा में उत्तर प्रदेश के पूर्व एडीजी डॉ कश्मीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस मौके पर डॉ. कश्मीर सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आज बहुजन समाज को सबसे ज्यादा जरूरत शिक्षा की है। आज हमारा समाज और हम जहां तक भी पहुंचे हैं वो सिर्फ और सिर्फ शिक्षा की वजह से ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि मनुवादी लोग ये जानते हैं कि हम लोगों का जो स्तर सुधर रहा है या जागरुकता आ रही है ये सब बदलाव शिक्षा की बदौलत ही रहे हैं। इसीलिए एक साजिश के हमें शिक्षा से दूर करने की कोशिश की जा रही है। जिसका अभी हमारे लोगों को एहसास नहीं हो रहा है, लेकिन जल्द ही इसका अहसास होने लगेगा। इसलिए हमें सतर्क रहना होगा और शिक्षा का दायरा ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि हम सब को गांवों में जा-जाकर अपने-अपने स्तर पर लोगों को जागरुक करना होगा।  हम लोगों को सहयोग करके प्राइवेट सेंटर शुरू करने होंगे।  जिस तेजी से शिक्षा और नौकरियों का निजीकरण किया जा रहा है, उसी तेजी से हम लोगों को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी कि हम अपने बच्चों को इस लायक बना सके कि वो इस साजिश का शिकार ना हो सके। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने बच्चों के शैक्षिक स्तर को उस स्तर पर लाना होगा, जहां उन्हें किसी बैसाखी की जरूरत ना पड़े।  ये कोई बहुत बड़ा काम नहीं है बस एकजुट होकर और सही दिशा में काम करने की जरूरत है।  


 इस अवसर पर पैगाम के संस्थापक सरदार तेजिंदर सिंह झल्ली ने अपने संबोधन में कहा कि बहुजन आंदोलन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है, लोग जागरुक हो रहे हैं, आंदोलन आगे बढ़ रहा है और उसके नतीजे भी जल्द ही सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जो मंत्र दिया था ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ उसे हमें आत्मसात करने की जरूरत है। अगर हम शिक्षित हो रहे हैं तो हमें दूसरों तक भी वो शिक्षा पहुंचानी होगी। क्योंकि शिक्षा के बगैर संगठन दिशाहीन हो जाता है और संघर्ष शक्तिहीन हो जाता है। हमें शक्तिशाली बनना है, लेकिन अपनी दिशा भी नहीं भूलनी है। उन्होंने कहा कि हमें बिना किसी भटकाव और बहकावे में आकर आंदोलन को आगे बढ़ाना है तभी आंदोलन चरम तक पहुंच पाएगा।  


पूर्व न्यायायधीश और पैगाम के राष्ट्रीय निमंत्रक बी एन वाघ ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जरूरत आन पड़ी है कि सबको दर्शक की भूमिका से बाहर निकलना पड़ेगा। आगे बढ़कर काम करना पड़ेगा। जब बाबा साहब इतनी विषम परिस्थितियों में अकेले ही इतनी बड़ी क्रांति कर सकते हैं तो आज तो हम इतने सारे हो गए हैं और संपन्न भी हो चुके हैं। इसलिए अब क्रांति होना तय है और वो बहुत पास है, जरूरत सिर्फ ईमानदार कोशिश करने की है। सांध्य सम्मेलन और परिचर्चा में समाज सेवा नाथौली सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज की जो दुर्गति हो रही है उसका सबसे बड़ा कारण बाबा साहब के बताए रास्ते पर ना चलना है। जब तक हम बाबा साहब के बताए मार्ग को नहीं अपनाएंगे तब तक प्रगति की तरफ नहीं बढ़ सकते।

  
पूर्व आईएफएस अधिकारी डॉ. तारा सिंह ने अपने अनुभव मंच से साझा किए और कहा कि बाबा साहब को समझना आसान नहीं है, बाबा साहब को समझिए, सुनी सुनाई बातों पर ना जाइए, बाबा साहब को पढ़िए और अपने जीवन में उतारिये, उन्होंने कहा कि मैं जो बोलता हूं, वो करता भी हूं, मैंने बाबा साहब को विचारों में ही नहीं, बल्कि कर्मों में भी अपनाया है।

पैगाम की वरिष्ठ नेता श्रीमती हरविंदर कौर ने कहा कि हमारे जो लोग सत्ता में हैं वो मूर्ति बनकर रह गए हैं। इसलिए हमें नई लीडरशीप तैयार करनी होगी। हम अपनी कमियों पर नज़र डालने के बजाय दूसरों में कमी निकाल रहे हैं। अपने समाज की दुर्गति का जिम्मेदार दूसरों को ठहरा रहे हैं, लेकिन अपनी कमियों को नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हमें खुद को बदलना होगा, अपने प्रति ईमानदार होना होगा, जो खुद को नहीं बदल सकता वो समाज को भी नहीं बदल सकता।  


आई आर एस अधिकारी रमेश चंद्र  ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि बहुजन आंदोलन की दिशा दिशाहीनता की और जा रही है। ऐसे में युवाओं को आगे आना पड़ेगा और एक नई लाइन खड़ी करनी होगी। समाजसेवी चरण सिंह ने कहा कि आज बामसेफ विभाजन के कारण कमजोर हो चुकी है। उन्होंन कहा कि साजिश के तहत योजना बनाकर शिक्षा और रोजगार को निजी हाथों में सौंप दिया है, आज सरकारी स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों में आरक्षण को अर्थहीन बनाकर बहुंसख्यक समाज को गुलाम और लाचार बनाने का रास्ता बनाया जा रहा है। संविधान पर भी हमले किये जा रहे हैं अगर संविधान को खतरा हुआ तो हमारे समाज का अंत निश्चित है। इसलिए हम सबको बिना समय व्यर्थ करे काम में जुट जाना चाहिए। आज समाज में राजनीतिक भूख पैदा हो गई है, लेकिन हमें सामाजिक स्तर पर काम करने की सख्त जरूरत है।  इस मौके पर श्रीमती जगरोशनी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे समाज की महिलाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, उन्हें अंधविश्वास से निकलकर अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। अगर वो ऐसा करती हैं तो कहीं ना कहीं समाज को मजबूत करने में उनका एक बड़ा योगदान होगा। क्योंकि किसी भी समाज में स्वस्थ और शिक्षित बच्चे एक सुंदर भविष्य की नींव होते हैं।


पैगाम के इस कार्यक्रम में बहुजन समाज के कई अन्य वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए बहुजन आंदोलन की दशा दिशा पर चर्चा की। कार्यक्रम में बच्चे भी बड़ी संख्या में दिखे। कुछ बच्चों ने समाज में व्याप्त जातिवाद पर एक नाटक का मंचन किया, जिसे सभागार में बैठे लोगों ने खूब सराहा और बच्चों की प्रतिभा देखकर हैरान रह गए। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ. कश्मीर सिंह ने बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्य अतिथि डॉ कश्मीर सिंह द्वारा पैगाम की वेबसाइट www.pagaam.org का शुभारंभ किया गया।इस मौके पर आई आर एस अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, एमटीएनएल के जीएम संदीप केशकर, विनोद कुमार, उमेश कुमार, राहुल कांबले, राम सिंह, हरप्रसाद चंचल,रामखिलावन, महेश चंद्र, राजकुमार, मोनू, वर्मा, सुधीर राज सिंह, संजीव कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने शिरकत की।  


' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

2 Comments

  •  

    It's fact that sc/STmay not get proper education in future .Comment *

  •  
    Dr R P Singh
    2017-12-14

    Kuchh log aaj bhi jhoonthi andhviswasi baten hi mante hen kahte he baba saheb ne mandir me jane pooja krne ke liye ladaiya ladin is liye hum mandir jate hen pooja krte hen lekin baba saheb ne to is tdharam ko hi tyag diya jisme log janvaron patthr ki murtiyon ko insan se jyada tavajjo dete hen aur chhote bade unch neech asamanta ki baten ki jati hen aaj hamare nojawan kanwad lene jate he apna samay bardad krte hen Aur mandir me apna paisa dan ke roop me lutate hen jo kakam kamak ki taraf nojawan badha rhe hen un hatho me kalam honi chaiye kamad ki jagah kitaben aur dan ko fee ke roop me lagana padega tabhi hamare bachche nojawan aage badh sakte hen aur baba saheb ka sapna sakar hoga jai bheem jay bharat

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े