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1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में सज़ा का ऐलान, अबू सलेम और करीमुल्लाह को उम्रकैद, ताहिर और फिरोज़ को फांसी, रियाज़ को 10 साल कैद

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले 24 साल बाद फैसला आ गया है। विशेष टाडा अदालत ने अबू सलेम को दो मामलों में उम्रकैद और दो लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है, दोनों सजाएं एक साथ चलेंगीं। पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि की शर्तों के कारण अबू सलेम को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती थी। लेकिन संधि के मुताबिक उम्रकैद की सजा को 25 साल की सज़ा में बदला जा सकता है। करीमुल्लाह को दो मामलों में उम्रकैद और दो लाख रुपए जुर्माने की सजा हुई है। तीसरे आरोपी रियाज़ सिद्दीकी को 10 साल की सज़ा सनाई गई है। दो दोषियों ताहिर मर्चेंट और फिरोज़ खान को फांसी की सजा सुनाई गई है। इन चारों धमाकों का षड्यंत्र रचने का दोषी पाया गया था।

12 मार्च 1993 को आतंकियों ने मुंबई में सिलसिलेवार बम विस्फोट किए थे, जिसमें 257 लोगों की मौत हुई थी, और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। 16 जून 2017 को कोर्ट ने इस केस में अबू सलेम, मुस्तफा दौसा, उसके भाई मोहम्मद दौसा, फिरोज खान, मर्चेंट ताहिर और करीमुल्लाह शेख को दोषी करार दिया गया था।  सीरियल ब्लास्ट के एक मास्टर माइंड मुस्तफ़ा दौसा की फैसले से पहले ही मौत हो चुकी है।   

मुख्य संवाददाता
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