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मुज़फ़्फ़रनगर- फिर सामने आया साहूकारों का हिंदुस्तान, दबंग साहूकार ने कर्जदार को बेरहमी से पीटा, पत्नी को उठा लेने की दी धमकी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही अपने राज में सबका साथ, सबका विकास और किसी के साथ भेदभाव न होने का लाख दावा करते हों, लेकिन मुज़फ़्फ़रनगर में उनके इन सभी दावों की धज्जियां उड़ती हुई साफ देखी जा सकती हैं। दरअसल मामला मुज़फ्फरनगर के शाहपुर क्षेत्र के पलड़ा गांव का है, यहां दबंग साहूकार ने जुल्म की सारी हदें पार करते हुए मिट्टी के बर्तन बनाने वाले एक गरीब व्यक्ति को उधार के पैसों का ब्याज नहीं चुकाने पर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं साहूकार ने उसकी पत्नी के साथ भी बदसलूकी करते हुए उसे दो रात तक अपने साथ सोने की मांग कर दी। साहूकार ने अपनी इस घिनौनी करतूत की बाकायदा अपने साथी से वीडियो बनवाई, जिसे ख़ुद ने ही वायरल भी कर दिया।        

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :-
http://padtal.com/videos/view

जानकारी के मुताबिक मुज़फ़्फ़रनगर के पलड़ा गांव के रहने वाले संजीव पुत्र नकली प्रजापति ने अपनी बेटी की शादी के लिए 8 महीने पहले बहादुरपुर गांव के साहूकार रणतेज उर्फ  काला से 50 हजार रुपये उधार लिए थे, लेकिन साहूकार रणतेज उर्फ काला ने 2 महीने बीतने के बाद ही बेहिसाब ब्याज लगाकर कुल रकम एक लाख 25 हजार रुपये बता दी। ये सब सुनकर मिट्टी के बर्तन बनाने वाले गरीब संजीव ने के होश उड़ गए। पीड़ित संजीव ने इतने रुपये देने में असर्थता जताई लेकिन वो नहीं माना और बार-बार पैसे देने के लिए दबाव बनाता रहा। जिसके बाद पीड़ित संजीव ने गांव में बुजुर्गों की पंचायत बुलाकर न्याय की गुहार लगाई, जिसमें पंचायत ने दोनों के बीच 80 हजार रुपये में समझौता करा दिया। जिसके तहत पीड़ित संजीव ने साहूकार को 75 हजार रुपये भी दे दिए और बकाया 5 हजार रुपये कुछ दिन बाद देने को कहा। लेकिन सोमवार को संजीव शाहपुर कस्बे में किसी काम से जा रहा था, तभी साहूकार ने मौका पाकर संजीव को कुछ बात करने के बहाने बुलाकर कमरे में बंधक बना लिया और उसे भद्दी गालियां देते हुए सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए और फिर उसकी जूते-चप्पल से जानवरों की तरह पिटाई की। पीड़ित उससे बार-बार हाथ जोड़कर छोड़ने की गुहार लगाता रहा, उसने एक न सुनी। इतना ही नहीं साहूकार ने अपने एक साथी से संजीव को पीटते हुए पिटाई का लाइव वीडिया भी बनवाया, जिसे उसने ख़ुद ही वायरल कर दिया। 

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें :-
http://padtal.com/videos/view

वीडियो के वायरल होने के बाद संजीव की पत्नी को इस घटना का पता चला तो वो भी वहां पहुंच गई। इस दौरान साहूकार ने संजीव की पत्नी के साथ भी जबरदस्ती करने की कोशिश की। साहूकार ने बकाया पैसा ना देने के बदले दो रात के लिए पीड़ित की पत्नी को अपने साथ भेजने की मांग की और न भेजने पर जबरन उठाने की धमकी दी। पीड़ित दंपति ने किसी तरह दबंग साहूकार के चंगुल से छूट कर जान बचाई। इसके बाद में पीड़ित संजीव अपनी पत्नी को लेकर स्थानीय पुलिस से मिला, जहां उसे पुलिस चौकी भेज दिया गया। पुलिस चौकी में उसकी कोई बात नहीं सुनी गई। पुलिस ने उसे ख़ुद ही मामला सुलझाने की बात कहकर वापस भगा दिया। इसके बाद पीड़ित दंपति ने कोतवाली पहुंचकर आप बीती सुनाते हुए आरोपी साहूकार के खिलाफ तहरीर दी और न्याय की गुहार लगाई। फिलहालत पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है। 

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http://padtal.com/videos/view

इस मामले में पीड़ित दंपति ने पुलिस और योगी सरकार की कार्यशैली पर बेहद गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के अंदर कानून का राज नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे साथ हुई ये घटना इसका जीता जागता सबूत है। वैसे इस मामले में हैरतअंगेज पहलू ये भी है कि दबंग साहूकार रणतेज ने जो 50 हजार रुपये कर्ज में दिए थे उसकी वापसी के लिए उसने 10 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से ब्याज लगाया था। इस घटना के बाद से पीड़ित संजीव गहरे सदमे में है और आरोपी साहूकार रणतेज से जान का डर सता रहा है, लेकिन पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। 

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यूपी में मुज़फ़्फ़रनगर के दबंग साहूकार के जुल्म और हैवानियत की ख़बर पढ़ने और देखने के बाद इसे क्या कहेंगे कि आज़ादी के 70 बरस बीत जाने के बाद भी देश में गरीब और खेतिहर मजदूरों पर जमींदारों और साहूकारों के जुल्म-ओ-सितम बदस्तूर जारी है। लेकिन यहां न्यूज़ पोर्टल ‘पड़ताल’  निष्पक्ष भूमिका और अपना सामाजिक दायित्व निभाते हुए, सवाल उठाने से नहीं चूकेगा। क्योंकि मुज़फ़्फ़रनगर की इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है, जिससे देश में फिर सामंतवाद, पूंजीवाद के युग की आहट दिखने लगी है। मुज़फ़्फ़रनगर की ये घटना तो एक ताजा उदाहरण है, इससे पहले भी देशभर में कई जगह इस तरह की घिनौनी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, कहीं जातिवाद के नाम पर तो कहीं सांप्रदायिकता के नाम पर जघन्य उत्पीड़न और हत्याएं तक हुई हैं। इन सब घटनाओं को देखकर कैसे कह सकते हैं कि हमारा देश वास्तव में 'न्यू इंडिया' बनने की तरफ बढ़ रहा है ?

मुख्य संवाददाता
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