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दलित विरोधी मुहिम बंद करे आरएसएस, वरना करोड़ों समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण करूंगीं- मायावती

रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने नागपुर में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा अगर आरएसएस  दलित विरोधी मुहिम को विराम नहीं देगा तो वह करोड़ों समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म स्वीकार कर लेंगी। मायावती ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था, जबकि वह करोड़ों समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण करेंगी। 


नागपुर में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा व कांग्रेस दोनों पर हमला बोलते हुए धर्म परिवर्तन की बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां दलितों के खिलाफ एक जैसी सोच रखती है। गौरतलब है कि सन 1956 में नागपुर में ही डॉ अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था, ऐसे में नागपुर की धरती से मायावती का ये बयान खास मायने रखता है।


मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद एक भी मामला दलित एक्ट के तहत दर्ज नहीं हुआ। भाजपा सरकार का एजेंडा उद्योगपतियों का हित साधना है। इसलिए लगातार कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है। वह जल्द ही निजी कंपनियों में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करेंगी। साथ ही, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया।


अयोध्या में राममंदिर के निर्माण पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर से सिर्फ पुजारियों का भला होगा। वह चाहे अयोध्या का राम मंदिर हो या कोई अन्य मंदिर। इसलिए मंदिर की राजनीति के बजाय विकास की राजनीति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दलित प्रेम के नाम पर राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री भले ही दलित समाज से हों लेकिन यदि वे दलित विरोधी पार्टी से हैं तो उससे देश के दलितों का कोई भला नहीं हो सकता। आज पूरे देश मे दलितों,आदिवासियों और ओबीसी के लोगो पर अत्याचार हो रहे है.भाजपा की गलत नीतियों के कारण मुसलमान और अल्पसंख्यकों की परिस्थिति बदतर हो गई है। महाराष्ट्र और विदर्भ में बड़े पैमाने पर किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। लेकिन भाजपा सरकार अपने हिंदुत्व के एजेंडे से आगे सोच ही नहीं पा रही है। 

मुख्य संवाददाता
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