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उत्तरप्रदेश- दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में पक्षपाती रवैया अपनाती है बीजेपी सरकार- मायावती

बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। 12 जनवरी को पार्टी की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने यूपी में दलित अत्याचार की बढ़ती घटनाओं, किसान और जन विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की है।

मायावती ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के लखनऊ में आधिकारिक खुलासे से यूपी में दलित अत्याचार की बढ़ती घटनाओं और उन मामलों में समुचित कार्रवाई न होने से बीजेपी सरकार का गंभीर जातिवादी और पक्षपाती रवैया सामने आ गया है। उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की कार्यशैली भी सवाल उठाए और आयोग के ऐसे आधिकारिक खुलासे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी शिकायतों का क्या फायदा। क्या राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने ऐसे ममलों में आगे कोई कानूनी कार्रवाई राज्य सरकार के खिलाफ की है। मायावती ने ये भी कहा कि ये पूरा देश और समाज जानता है कि बीजेपी की सरकारों में दलितों, पिछड़ों को कभी भी न्याय नहीं मिल सकता है।
 
बीएसपी प्रमुख प्रमुख मायावती कहा कि देश में खासकर बीजेपी शासित अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश के भी करोड़ों किसान अपनी पैदावार का सही मूल्य नहीं मिल पाने के कारण आर्थिक तंगी, बदहाली और संकट के शिकार हैं। पीड़ित किसान मजबूरी में अपने उत्पाद को लखनऊ में स्थित यूपी विधानसभा समेत अन्य प्रमुख स्थानों के सामने फेंक कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। लेकिन यूपी में योगी के नेतृत्व वारी बीजेपी सरकार इन सब जनसमस्याओं पर ध्यान ना देकर और उनका समाधान करने के बजाय तत्कालीन पिछली सरकार की तरह ही ‘सैफई महोत्सव’, ‘लॉयन सफारी’ आदि की तरहसत्ता के नशे में चूर होकर ‘गोरखपुर महोत्सव’ आदि पर सरकारी धन लुटाने में मस्त नजर आती है।

मायावती ने यूपी के बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से हुई 12 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी जानलेवा गंभीर घटनाएं बीजेपी सरकार की घोर लापरवाही और गैर जिम्मेदारी का ही परिणाम हैं।  

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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