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निजी क्षेत्र में आरक्षण पर बोलीं मायावती,सस्ती लोकप्रियता लूटने की बजाय बिहार में शुरुआत करके दिखाएं नीतीश

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि नीतीश कुमार बिहार में निजी क्षेत्र में आरक्षण की शुरूआत क्यों नहीं करते, वे अपने राज्य में लागू करें।  उन्होंने कहा कि बीजेपी के साथ सत्ता में बैठकर केंद्र में अपनी गठबंधन की सरकार से इन वर्गों को प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण देने की केवल मांग करने की बजाए इन्हें सीधा आरक्षण दिलवाना चाहिए, यही ज्यादा बेहतर और उचित होगा। सिर्फ मीडिया में सुर्खियां बटोरने और सस्ती राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने के लिए बयानबाजी ठीक नहीं है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था की बात कही थी, एक प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि ऑउसोर्सिंग या कॉन्ट्रैक्ट की किसी भी तरह की नौकरी में कर्मियों को वेतन सरकारी कोष से ही दिया जाता है, ऐसे में आरक्षण व्यवस्था को लागू करना स्वाभाविक है। 

मायावती ने कहा कि देश में जब से केंद्र व राज्य सरकारों के बड़े-बड़े व महत्वपूर्ण सरकारी कार्य ज्यादातर प्राइवेट सेक्टर को दिए जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी तभी से समाज के शोषित पीड़ित, दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों को प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण दिए जाने के लिए केंद्र सरकार से लगातार मांग कर रही है लेकिन कोई भी सरकार इन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़कर इनके जीवन में बुनियादी व आवश्यक सुधार नहीं लाना चाहती।  

साथ ही उन्होंने जोड़ा कि सरकारी नौकरी में पदोन्नति में आरक्षण को भी संवैधानिक संशोधन के जरिए इसे प्रभावशाली बनाना चाहिए। इस संबंध में बहुजन समाज पार्टी के संसद के अंदर व बाहर, दोनों जगह जुझारू प्रयास से संवैधानिक संशोधन विधेयक राज्यसभा से तो पारित हो गया, परंतु सरकार के जातिवादी रवैये के कारण लोकसभा में लंबित पड़ा हुआ है और ये बड़े दुख की बात है।

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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