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संविधान की रक्षा के लिए देंगे कुर्बानी- मायावती

बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अनंत कुमार हेगड़े के संविधान पर दिए विवादित बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का समतामूलक, मानवतावादी भारतीय संविधान आज खतरे में जरूर है परंतु यह भी एक ऐतिहासिक सत्य है कि संविधान को उसकी सही मंशा के अनुसार लागू ना करने के मामले में कांग्रेस किसी भी प्रकार से बीजेपी एंड कंपनी से कम नहीं रही है। अर्थात संविधान के पवित्र उद्देश्यों को विफल करने में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही चोर-चोर मौसेरे भाई हैं।

नवनियुक्त कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि 'संविधान खतरे में है' पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस को संविधान कैसे खतरे में दिखने लगा, जबकि संविधान को उसके सही उद्देशेयों के साथ लागू ना करने में कांग्रेस सबसे बड़ी दोषी है। यह सही है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आरएसएस की विघटनकारी हिंदुत्ववादी सरकार मे देश का संविधान खतरे में है और यह बात बीजेपी एंड कंपनी के लोग चाहे लाख नकारे परंतु यह सभी जानते हैं कि आरएसएस की सोच संविधान व भारतीय तिरंगा विरोधी रही है। ये लोग मुंह में राम बगल में छुरी की तरह संविधान की शपथ लेकर सरकार में तो आ गए हैं लेकिन इस संविधान की आड़ में अपनी घोर कट्टरवादी वादी सोच के मुताबिक लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, यही कारण है कि आज देश की संवैधानिक व लोकतांत्रिक संस्थाएं यहां तक कि संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका सभी एक अभूतपूर्व संकट व तनाव के दौर से गुजर रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक कड़वा सत्य है कि बाबा साहब ने आजादी के बाद जिस सामाजिक व आर्थिक लोकतंत्र का मानवतावादी सपना देखा था वह कांग्रेस के लंबे शासनकाल के दौरान बिखरता चला गया। छुआछुत, जातियता, जातिवादी हिंसा व भेदभाव संविधान में तो समाप्त कर दिए गए लेकिन सत्ता पक्ष के लोग इसे हर स्तर पर संरक्षण ही देते रहे।

मायावती ने कहा कि ओबीसी वर्ग को उसका हक देने के मामले में भेदभाव किया गया, यही कारण है कि आजादी के लंबे समय के बाद ही गैर कांग्रेस सरकार द्वारा बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर भारत रत्न से सम्मानित किए गए, और ओबीसी वर्ग को शिक्षा व नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण की व्यवस्था की जा सकी। उऩ्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बात भी देश को बतानी चाहिए कि बाबा साहब ने सन 1951 में में देश के पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा क्यों दिया था ? 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की इसी प्रकार की अनेकों संवैधानिक हित व कल्याण की पवित्र भावना के विपरीत काम करते रहने के कारण ही मजबूर होकर बहुजन समाज के अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए 14 अप्रैल सन 1984 को बीएसपी की स्थापना करनी पड़ी थी। 

मायावती ने कहा कि बीजेपी/आरएसएस एंड कंपनी आज खुलेआम संविधान की अवमानना करके देश के इतिहास में काला अध्याय जोड़ रहे हैं, परंतु कांग्रेस का भी दामन कम दागदार नहीं है। बीएसपी बाबा साहब के पवित्र संविधान की रक्षा में अपना सब कुछ कुर्बान कर देगी लेकिन कांग्रेस पार्टी किस आधार पर बीजेपी के विरोध में मजबूती से लड़ेगी ये देखने वाली बात होगी। 

मुख्य संवाददाता
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6 Comments

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    संविधान बदलने की इनकी औकात ही नहीं है!इन्होने हमेशा देशको लूटा है और आआजभी लूट रहे है। संविधान लिखा जा रहा था, तब इनके बापजादे दुम दबाकर भागे है. अकेले हमारे बाबासाहब आम्बेडकर जी ने संविधान लिखकर भारतीयोंको जीवनदान दिया है. हमारे महापुरूषों ने हमेशा देनेका काम किया है । ये मागने वालै देश को क्या देगे? "देनेवाले समाज में पैदा होते हैं, लाल, और मागनेवाले समाज में पैदा होते हैं दलाल "

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    deepak gautam
    2017-12-31

    संविधान में जिसने भी छेड़खानी की यह बदलने की कोशिश की तो उसके लिए अच्छा नहीं होगा दलित समाज सब एकहोंगे उसका विरोध करेगा और उसे जवाब देना होगा कि अगर आपको संविधान में चेंज करना था तो आप लोगों ने पहले संविधान क्यों नहीं बनाया हमारे भीमराव मेटकर साहेब संविधान बनाया

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    बीजेपी आछी लेकिन RSS कमीने है

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    Rajkumar Bhutnale
    2017-12-29

    सही कहा बहनजीने हम बहनजीके साथ है

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    DINESH KUMAR
    2017-12-29

    True say

  •  
    Rajesh Jaiswar
    2017-12-29

    बीजेपी की नीति व नीयत अगर साफ़ है । तो हेगड़े को पार्टी से बर्खास्त करे।

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