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लगातार कोर्ट पर टिप्पणी करने पर मायावती ने बीजेपी नेताओं पर निशाना साधा

पिछले कुछ दिनों से भाजपा नेताओं द्वारा न्यायपालिका लगातार टिप्पणियां की जा रही है। जिसे लेकर आज बसपा सुप्रीमो मायावती ने गहरी चिंता व्यक्त की। और भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि सत्तारूढ दल के नेताओं द्वारा आए दिन न्यायपालिका व जजों पर टिप्पणी करना और अपमानजक भाषा का प्रयोग करना बेहद चिंतनीय है।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर हुई हिंसा और आगजनी के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार पर बीजेपी के अनेक नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर जो टिप्पणियां की हैं, उसको देश ने नापसंद किया है। उनका इशारा साक्षी महारज पर था जिन्होंने खुलकर राम रहीम का समर्थन करते हुए कहा था कि अदालत को ये सोचना चाहिए एक आदमी (पीड़ित महिला) ठीक है या लाखों लोग (बाबा के समर्थक) सही है। यही नहीं उन्होंने कहा था कि क्या कोर्ट इमाम बुखारी को कोर्ट में बुला सकता है। इसके अलावा उनका इशारा अमित शाह की तरफ था, क्योंकि अमित शाह ने भी कहा था कि अगर कोर्ट अपना  फैसला टाल देता तो इतनी हिंसा नहीं होती।

इसके अलावा उन्होंने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार को लिखित हलफनामा दाखिल कर अदालत से बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी। दरअसल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कानून के तहत ‘शान्ति क्षेत्र’ घोषित करने संबंधी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मामले में सुनवाई थी। इस दौरान महाराष्ट्र सरकार द्वारा अदालत पर देव्ष के साथ काम करने का आरोप लगाकर जजों को बदलने की मांग की गई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने  मामले को गंभीरता से लिया और कड़ा रूख अपनाया, जिसके बाद फडणवीस सरकार को अदालत से लिखित मांफी मांगनी पड़ी थी।  

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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