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समाज में दलितों के साथ हो रहा है भेदभाव- मायावती

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का 62वां जन्मदिन देशभर में ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बीएसपी के प्रदेश कार्यालय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ख़ुद मायावती ने शिरकत करते हुए पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के बीच अपने जन्मदिन का केक काटा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि समाज में दलितों के साथ भेदभाव हो रहा है।   


15 जनवरी को लखनऊ में 12 माल एवेन्यू स्थित बीएसपी उत्तर प्रदेश स्टेट कार्यालय में जश्न का माहौल रहा। मौका था बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मख्यमंत्री मायावती के 62वें जन्मदिन का। बीएसपी की तरफ से आयोजित ‘जनकल्याणकारी दिवस’ कार्यक्रम में मायावती ने उपस्थित होकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया।

बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने इस मौक पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां अपने-अपने कार्यक्रमों में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी का नाम लेकर दलितों की हितैषी बनने की कोशिश करती हैं, लेकिन इनकी सत्ता के समय में ही दलित समाज के लोगों का सबसे ज़्यादा उत्पीड़न हुआ है। जबकि बीएसपी दलितों, शोषितों के उत्थान के लिए काम करती है।     

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीएसपी की 4 बार की अंबेडकरवादी सरकार ने दलितों के हित में अनेक फैसले लिए थे। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस और अब बीजेपी किस्म-किस्म के हथकंडे अपना कर बीएसपी को ख़त्म करने का प्रयास करती रही हैं। उन्होंने कहा कि बीएसपी को नजरअंदाज करने वाले अब दोबारा उनकी पार्टी की तरफ देख रहे हैं।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कांगेस राज में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस बताए कि उनके राज में बाबा साहब को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया ? मायावती ने कहा कि सन 1951 में बाबा साहब को कानून मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और मुझे भी साजिश के तहत सहारनपुर के शब्बीरपुर कांड पर राज्यसभा में बोलने नहीं दिया गया, जिसके कारण मुझे 18 जुलाई 2017 को राज्यसभा से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने ये भी कहा कि 70 साल से सत्ता से बाहर रही बीजेपी अब संविधान बदलना चाहती है। उन्होंने संविधान को लेकर गैर जिम्मेदारी वाला बयान देने वाले केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त करने की मांग भी की।    

मायावती ने बीजेपी और कांग्रेस पर हर वर्ग को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में हर जगह सांप्रदायिक और जातिवादी माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर दलितों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मोदी सरकार की नीति भेदभाव वाली है, जिसका खामियाज़ा समाज के निचले वर्ग को भुगतना पड़ रहा है।

अपने संबोधन में मायावती ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी रैलियों में हर-हर मोदी, घर-घर मोदी का नारा लगावाने वाले नरेंद्र मोदी जी इस बार गुजरात में बेघर होते-होते बचे हैं। गुजरात चुनाव से ये साबित हो गया है कि बीजेपी की साख गिर रही है और केंद्र की मोदी सरकार की असलियत गरीब, किसान और मजदूरों को पता चल चुकी है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि बीजेपी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों के साथ देश में लोकसभा चुनाव भी करा सकती है।

मायावती ने कहा कि यूपी निकाय चुनाव के परिणाम बीएसपी के पक्ष में आए हैं, लेकिन बीजेपी ने ईवीएम में गड़बड़ी करके हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। इसलिए देश के सभी आम चुनाव बैलट पेपर से होने चाहिए।

इस कार्यक्रम में मायावती ने अपने जीवन पर आधारित किताब ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा’ और ‘A Travelogue of My Struggle-Ridden Life and BSP Movement’)  हिन्दी, अंग्रेजी के 13वें संस्करण का विमोचन किया। बीएसपी की ये किताबें ‘ब्लू बुक’ नाम से प्रसिद्ध हैं।   

लखनऊ में हुए भव्य आयोजन की तरह बीएसपी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देशभर के राज्यों और खासतौर पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर मायावती का जन्मदिन मनाया। इस मौके पर बीएसपी की तरफ से सर्वसमाज के अति गरीब, असहाय और अति जरूरतमंद लोगों की विभिन्न रूपों में सहायता की गई।  

ओम प्रकाश
ओम प्रकाश
ब्यूरो चीफ
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