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मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, कहा 'तीन मूर्ति भवन' से छेड़छाड़ न करे सरकार

नई दिल्ली- पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो जवाहरलाल नेहरू के योगदान को मिटाने की कोशिश ना करें। उन्होंने खत में तीन मूर्ति भवन में होने वाले संभावित बदलावों पर आपत्ति जताते हुए किसी तरह की छेड़छाड़ ना करने का आग्रह किया है। मनमोहन सिंह ने लिखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू सिर्फ कांग्रेस के नेता ही नहीं बल्कि पूरे देश के नेता थे। पूर्व प्रधानमंत्री ने मौजूदा प्रधानमंत्री से कहा कि आपकी सरकार एजेंडे के तहत नेहरू मेमोरियल म्यूज़ियम और लाइब्रेरी की सरंचना में बदलाव करने में लगी है। 

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पत्र ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार ने तीन मूर्ति परिसर में सभी प्रधानमंत्रियों के नाम के म्यूजियम बनाने की योजना बनाई है। इसी कारण कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है कि यह नेहरू की विरासत को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस का मानना है कि इस कदम से तीन मूर्ति भवन में रखी गईं नेहरू से जुड़ी विरासतों को कम किया जा सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले हफ्ते भेजे गए पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिखा कि वाजपेयी के प्रधानमंत्री के रूप में 6 वर्ष का कार्यकाल के दौरान, ‘एनएमएमएल और तीन मूर्ति परिसर की प्रकृति और चरित्र को बदलने का कोई प्रयास नहीं किया गया था, लेकिन अफसोस की बात है, यह अब भारत सरकार के एजेंडे का हिस्सा है।

‘पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संसद में भाषण का जिक्र करते हुए लिखा है- ‘इस तरह के निवासी फिर कभी तीन मूर्ति की शोभा नहीं बढ़ा सकते हैं। वह जीवंत व्यक्तित्व, विपक्ष को भी साथ लेने का दृष्टिकोण, सज्जनता और वह महानता जो निकट भविष्य में फिर से नहीं देख सकते हैं। विचारों के अंतर के बावजूद हमारे पास उनके महान आदर्शों, उनकी ईमानदारी, देश के लिए उनके प्यार और उनके अतुलनीय साहस के प्रति सम्मान है। ‘मनमोहन सिंह ने लिखा कि ‘एनएमएमएल भारत के पहले प्रधानमंत्री और भारतीय राष्ट्र-राज्य के प्रमुख वास्तुकार की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने हमारे देश और वास्तव में दुनिया पर एक अविश्वसनीय छाप छोड़ी।’

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिखा है कि ‘नेहरू की विशिष्टता और महानता को उनके राजनीतिक विरोधियों और प्रतिद्वंद्वियों ने भी स्वीकार किया है। ‘मनमोहन सिंह ने लिखा कि ‘एनएमएमएल का स्तर बना रहना चाहिए। संग्रहालय को जवाहरलाल नेहरू और स्वतंत्रता आंदोलन पर अपना प्राथमिक ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि साल 1920 के दशक और साल 1940 के दशक के मध्य में लगभग दस साल जेल में रहे और अपनी अहम भूमिका अदा की। कोई भी संशोधन उस भूमिका और उनके योगदान को समाप्त नहीं कर सकता।

मुख्य संवाददाता
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