img

केजे अल्फोंस का विवादित बयान, कहा महंगा पेट्रोल खरीदने वाले भूखे नहीं मर रहे, पेट्रोल खरीदना है तो टैक्स देना पड़ेगा

केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को  जायज़ ठहराया है। उनका कहना है कि पेट्रोल वही व्यक्ति खरीदता है जिसके पास कार या बाइक है, और बाइक रखने वाला आदमी भूख से नहीं मर रहा है। जो कोई भी पेट्रोल खरीदेगा उसे टैक्स तो देना पड़ेगा।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री अल्फोंस ने कहा कि जो इसका खर्च उठा सकते हैं उन्हें पैसे तो देने होंगे। हम यहां पिछड़ों के कल्याण के लिए, प्रत्येक गांव को बिजली देने, घर बनाने, टॉयलेट बनाने के लिए हैं। इस पर काफी सारा पैसा खर्च होगा। इसलिए हम उन लोगों पर टैक्स लगा रहे हैं जो इस काबिल हैं।

गौरतलब है की पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के समय केंद्र सरकार ने लगातार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी और इसमें अब भी कमी नहीं आई है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सफाई देते हुए कहा, ‘हम टैक्स इसलिए लगा रहे हैं जिससे कि गरीब सम्मान से जिंदगी जी सके। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियां बिल्कुल सरल और साफ हैं। हमने टैक्स लगाया है ताकि देश के गरीबों को एक बेहतर जीवन मिल सकें, उन्हें शौचालय की सुविधा और आवास मिले। इसके लिए बहुत पैसा चाहिए और हम उन लोगों पर ही टैक्स लगा रहे हैं, जो वहन कर सकते हैं।

 
मंत्री जी, बाइक पर चलने वाला आदमी अपनी रोजी-रोटी से जूझने के लिए बाइक पर चलता है, अय्याशी के लिए नहीं। अगर इतनी ही टैक्स की चिंता है तो उन रईसों से ज्यादा टैक्स वसूलने का सिस्टम बनाईए जो करोड़ों की गाड़ियों में घूमते हैं, उनको तो आप लोन देते हैं, और जिनसे पैसा वसूला तक नहीं जाता। गरीब आदमी के लिए आपकी चिंता तब कहां चली जाती है, जब आपके आका अपने चहेतों को अरबों-खरबों की सब्सिडी देते हैं।  







मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
मुख्य संवाददाता
PROFILE

' पड़ताल ' से जुड़ने के लिए धन्यवाद अगर आपको यह रिपोर्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर करें और सबस्क्राइब करें। हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं। हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।

संबंधित खबरें

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

0 Comments

मुख्य ख़बरें

मुख्य पड़ताल

विज्ञापन

संपादकीय

वीडियो

Subscribe Newsletter

फेसबुक पर हमसे से जुड़े