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लाख रूकावटों के बावजूद सफल रही जिग्नेश की हुंकार रैली, देशभर से जुटा युवा जोश

मंगलवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पर जिग्नेश मेवाणी की रैली युवा जोश से भरी दिखी, आप जहां नज़र डालो ऊधर ही युवा दिख रहा था, फिर चाहे वो मंच हो या मंच के सामने का हिस्सा। जिग्नेश ने बताया कि उनके पास सुबह से मीडिया वालों के फोन आ रहे थे कि आपको रैली की इज़ाजत नहीं मिली, आपका क्या कहना है? तो मेरा सिर्फ इतना कहना है... इस देश की 125 करोड़ जनता देख रही है कि चंद्रशेखर आज़ाद रावण को रिहा करने, देश के सच्चे लोकतंत्र और संविधान को लागू करने और दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात करने का अधिकार भी अगर एक चुने जनप्रतिनिधि को नहीं है तो औरों का क्या हाल होगा, और इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या होगा।


रैली में असम के किसान नेता अखिल गोगोई, स्वराज्य पार्टी के प्रशांत भूषण, छात्र नेता कन्हैया कुमार, शहला रशिद, भीम आर्मी के विनय रतन के अलावा जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय, बीएचयू, लखनऊ विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आए छात्र नेताओं ने भी जनसभा को संबोधित किया। रैली का उद्देश्य भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग उठाना और शैक्षिक अधिकार, रोजगार, आजीविका और लैंगिक न्याय जैसे मुद्दों पर जोर देना था।  


जिग्नेश मेवाणी ने चुटकी लेते हुए कहा कि कि मोदी जी जितनी बार अहमदाबाद आते थे हमें डीटेन किया जाता था और आज हम दिल्ली आए हैं तो हमारे साथ भी यही कर रहे हैं। जिग्नेश ने कहा-22 साल से गुजरात के अंदर तोड़ने की लड़ाई चल रही थी लेकिन हम तो सिलाई मशीन वाले हैं, जोड़ने आए हैं, उन्होंने कहा कि हम लव जिहाद वाले नहीं हैं, हम तो प्यार वाले हैं, वेलेंटाइन सेलिब्रेट करने वाले हैं। जिग्नेश ने मोदी जी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी हम आप ही के गुजरात के हैं और विधायक भी हैं, और हमारे असेंबली में जाने के बाद आपको बहुत सी फाइलें जलानी पड़ी हैं, लेकिन जितने भी करप्शन हुए हैं वो फाइलें अब हमारे पास आने वाली हैं। 


जिग्नेश ने कहा कि गुजरात में हार्दिक, अल्पेश और मैंने उनका 150 सीटों का घमंड ज़मीन पर ला दिया, इसीलिए हमें टारगेट किया जा रहा है। हम किसी जाति या धर्म के ख़िलाफ़ नहीं हैं। हम देश के लोकतंत्र और संविधान को मानते हैं, हम सावित्रीबाई फूले, शहीदे आजम भगत सिंह और अंबेडकर को मानने वाले हैं, और इसीलिए कहते हैं कि आप हमारे ऊपर हमले करवाइये, हमें गालियां दीजीए लेकिन हम संविधान की ही बात करेंगे।


उन्होंने कहा कि आज देश के संविधान और लोकतंत्र को खतरा है, असली मुद्दों को दबाया जा रहा है और घर वापसी और लव जिहाद जैसे मुद्दों को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी और असली मुद्दे दबाए जा रहे हैं तथा घर वापसी, लव जिहाद व गाय के मुद्दों को महत्व दिया जा रहा है, हम इसके खिलाफ खड़े हैं।  और हम किसी जाति, धर्म या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, हमारा उद्देश्य नफरत नहीं हैं, हमारा उद्देश्य सच्चा लोकतंत्र और देश में पूरी तरह से संविधान का शासन लाना है। 

जिग्नेश ने अपने एक हाथ में संविधान और दूसरे हाथ में मनुस्मृति ली और कहा कि प्रधानमंत्री जी को बताना होगा कि वो देश में क्या चाहते हैं, वे देश मनुस्मृति चाहते हैं या संविधान का शासन चाहते हैं। उन्होंन कहा कि रैली के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारतीय संविधान और मनुस्मृति की एक प्रति सौंपने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल लोक कल्याण मार्ग स्थित उनके आवास तक मार्च करेगा और उनसे दोनों में से एक का चयन करने के लिए कहेगा।


स्वराज पार्टी के प्रशांत भूषण ने कहा कि आपातकाल के दिनों में लोकतंत्र खतरे में था लेकिन आज सभ्यता खतरे में हैं, उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी ने तो देश को बर्बाद कर दिया है, अब युवा पीढ़ी से ही उम्मीद है। देश में एक नई उम्मीद जगी है, एक झूठी राजनीति के खिलाफ एक ताकत खड़ी हो रही है।


छात्र नेता कन्हैया कुमार ने कहा हम एक शांतिपूर्ण आंदोलन चाहते हैं, हिंसा उनका हथियार है, हमें किसी भी तरह से हिंसक नहीं होना है, हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, हम यहां समानता के लिए आए हैं।

उमर खालिद ने कहा कि हमें चंद्रशेखर, रोहित वेमुला के लिए इंसाफ़ चाहिए, चंद्रशेखर देश के लिए नहीं मनुवादियों के लिए खतरा है, और ये सरकार मनुवादियों की सरकार है, हम पूरे देश में आंदोलन करेंगे।


छात्र नेता शहला राशिद ने मीडिया चैनलों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया और कहा कि 'R'और 'Z' चैनल ने रैली को फेल करने की पूरी कोशिश की। उन्होंने चंद्रशेखर रावण की रिहाई की बात रखते हुए यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा और और सवाल खड़ा किया, क्या योगी जी सरकार में अपने खिलाफ केस रद्द कराने आए हैं ? शहला ने जनसभा में मौजूद लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए एक नंबर 9959902277 भी जारी किया। उन्होंने कहा कि हम देशभर के युवाओं को आंदोलन से जोड़ेंगे।


किसान नेता अखिल गोगोई ने कहा कि आज हालात इमरजेंसी की तरह हो गए हैं, आज गणतंत्र खतरे में है, बीजेपी और आरएसएस लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहे हैं। लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ेगा, युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि ये सरकार सबके लिए खतरा है इसलिए सभी को एक साथ आना होगा, सब को एकजुट होना होगा।


भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन ने चंद्रशेखर आजाद रावण को रिहा करने और उन पर से रासुका हटाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि सहारपुर में दलितों पर हुई हिंसा के आरोपी आज भी खुले घूम रहे हैं जबकि चंद्रशेखर भाई को निराधार ही जेल में डाला गया है। मनुवादी सरकार की मानसिकता किसी से छिपी नहीं है। रैली में चंद्रशेखर के समर्थक उनका फोटो पोस्टर लेकर रैली में सबसे ज्यादा तादाद में दिख रहे हैं। इससे पता चलता है कि भाई चंद्रशेखर की रिहाई के लिए युवा किसी भी हद तक आंदोलन कर सकता है।


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