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यदि कोई EVM छेड़छाड़ का दावा करता है लेकिन उसे साबित नहीं कर पाता है, तो होगी छह महीने की जेल: कर्नाटक चुनाव आयोग

ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की खबरों को लेकर अब चुनाव आयोग ने सख्त रूख अपना लिया है। विधानसभा के चुनाव से पहले कर्नाटक चुनाव आयोग ने धमकी भरे लहज़े में कहा है कि ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ करना संभव नहीं है, अगर इसके बाद भी कोई ईवीएम पर सवाल उठाता है तो उसे साबित करना होगा। अगर कोई इसे साबित नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया जाएगा और साथ ही 6 महीने की कैद की सजा भी दी जाएगी। 

राज्य मुख्य चुनाव अधिकारी संजीव ने कहा है कि हर एक को ईवीएम या वीवीपैट की विश्वसनीयता के बारे में पूछने का अधिकार है, अगर कोई साबित करने में नाकाम हो जाता है तो उसे 6 महीने की कैद के लिए तैयार रहना होगा। 

उनका कहना है कि ईवीएम या वीवीपैट के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना असंभव है। कुछ मीडिया समूह भी इसको लेकर अफवाह फैला रहे हैं। चुनाव आयोग इसको गंभीर मुद्दे के तौर पर मान रहा है। अगर कोई ईवीएम के खिलाफ झूठी बातें फैलाता जाता पाया जाता है तो उसके खिलाफ चुनाव आयोग आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराएगा। 

अगर किसी भी तरह की झूठी बातें फैलाई जाएंगी तो चुनाव आयोग आपराधिक मानहानि का मुकदमा भी दर्ज कर सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईवीएम के साथ वीवीपैट का प्रयोग करना अनिवार्य है। वीवीपैट की मदद से वोटर्स को पर्ची मिल जाती है, जिसमें लिखा होता है कि उसने किस को वोट दिया है। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में 73 हजार 850 वीवीपैट की जरूरत है। 

मुख्य संवाददाता
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