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हिन्दी कविता ‘असहिष्णुता’

भारतीय संस्कृति का

उत्स है                   

असहिष्णुता

शम्बूक का वध

एक्लव्य का अंगछेदन

परशुराम द्वारा

क्षत्रियों का इक्कीस बार

विनाश

महिषासुर का मर्दन

स्त्री – शूद्र का

विद्या निषेध

अतीत से वर्तमान तक

फैली असहिष्णुता

रोहित बेमुला

एम.एम. कालबुर्गी

कामरेड गोविन्द पानसरे

अखलाख और पादरी स्टीफेंस

की हत्या में बदल गई है

अब सच को सच

कहना

डराने लगा है |

सावधान !

सांस्कृतिक आतंकवाद

शिविरों में

शस्त्र संचालन का

प्रशिक्षण ले रहा है |

लेखक- डॉ. एन सिंह










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